Simbhal Simbhal Kai Paa Dhariye
Bhajan Lyrics

सिम्भल सिम्भल कै पा धरिये | Simbhal Simbhal Kai Paa Dhariye Ravidas Vani Lyrics (Hindi & English)

सिम्भल सिम्भल कै पा धरिये | गुरु रविदास वाणी

Simbhal Simbhal Kai Paa Dhariye: “सिम्भल सिम्भल कै पा धरिये” गुरु रविदास जी की शिक्षाओं से प्रेरित एक अत्यंत प्रेरणादायक वाणी है। यह वाणी मनुष्य को जीवन में सावधानी, संयम, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। 

इसमें कुएँ से पानी भरने वाली स्त्री का उदाहरण देकर समझाया गया है कि यदि जीवन की राह पर सावधानी नहीं रखी जाए, तो मनुष्य भ्रम, अहंकार और बुरे कर्मों के कारण गिर सकता है।


Simbhal Simbhal Kai Paa Dhariye: 📖 Lyrics in Hindi

सिम्भल सिम्भल कै पा धरिये री,
कुएँ पे जल भरने वाली।
नेज्जू ना या टूटे,
तेरी मन पे झखम करण वाली।।

नेज्जू ना या टूटे,
तेरी मन पे झखम करण वाली।
नेज्जू टूटे डोल छूटेगा,
गगरी रोज भरन वाली।।

देख भरम की काई रिपटणी,
सिर पे घड़ा धरण वाली।
देख भरम की काई रिपटणी,
सिर पे घड़ा धरण वाली।।

ओछी रहगी तो छलकेगी,
गगरी रोज भरन वाली।।

नेम धरम की पक्की होजा,
नहीं किसी पे डिगन वाली।
नेम धरम की पक्की होजा,
नहीं किसी पे डिगन वाली।।

चंद मुखेश या राह पगी दिखे,
भर भर अभी नीर चली।
चंद मुखेश या राह पगी दिखे,
भर भर अभी नीर चली।।

सिम्भल सिम्भल कै पा धरिये री,
कुएँ पे जल भरने वाली।
नेज्जू ना या टूटे,
तेरी मन पे झखम करण वाली।।

नेज्जू टूटे डोल छूटेगा,
गगरी रोज भरन वाली।।

Simbhal Simbhal Kai Paa Dhariye: 🌍 Lyrics in English (Roman Hindi)

Simbhal Simbhal Kai Paa Dhariye Ri,
Kuwe Pe Jal Bharne Wali.
Nejju Na Ya Toote,
Teri Man Pe Jhakahm Karan Wali.

Nejju Na Ya Toote,
Teri Man Pe Jhakahm Karan Wali.
Nejju Toote Dol Chhutega,
Gagri Roj Bharan Wali.

Dekh Bharam Ki Kai Ripatni,
Sir Pe Ghada Dharan Wali.
Dekh Bharam Ki Kai Ripatni,
Sir Pe Ghada Dharan Wali.

Occhi Rehgi To Chhalakegi,
Gagri Roj Bharan Wali.

Naim Dharam Ki Pakki Hoja,
Nahi Kisi Pe Digan Wali.
Naim Dharam Ki Pakki Hoja,
Nahi Kisi Pe Digan Wali.

Chand Mukesh Ya Raah Pagi Dike,
Bhar Bhar Abhi Neer Chali.
Chand Mukesh Ya Raah Pagi Dike,
Bhar Bhar Abhi Neer Chali.

Simbhal Simbhal Kai Paa Dhariye Ri,
Kuwe Pe Jal Bharne Wali.
Nejju Na Ya Toote,
Teri Man Pe Jhakahm Karan Wali.

Nejju Toote Dol Chhutega,
Gagri Roj Bharan Wali.


Simbhal Simbhal Kai Paa Dhariye: 🙏 वाणी का भावार्थ

इस वाणी में कुएँ से पानी भरने वाली स्त्री का उदाहरण देकर जीवन का गहरा संदेश दिया गया है। जैसे पानी से भरी गगरी को संभालकर चलना पड़ता है, वैसे ही मनुष्य को अपने जीवन में हर कदम सोच-समझकर रखना चाहिए।

यदि व्यक्ति भ्रम, अहंकार, बुरी संगति या अधर्म के मार्ग पर चलता है, तो उसका जीवन डगमगा सकता है। लेकिन जो व्यक्ति नेम (नियम), धर्म, संयम और सत्संग का पालन करता है, वह जीवन की कठिन राहों पर भी सुरक्षित रहता है।


Simbhal Simbhal Kai Paa Dhariye: ✨ इस वाणी का महत्व
  • गुरु रविदास जी की शिक्षाओं पर आधारित प्रेरणादायक वाणी।
  • जीवन में सावधानी और संयम का संदेश देती है।
  • धर्म, सदाचार और अच्छे कर्मों के महत्व को समझाती है।
  • सत्संग और भजन संध्या में लोकप्रिय।
  • आत्मचिंतन और आध्यात्मिक उन्नति के लिए प्रेरित करती है।

Simbhal Simbhal Kai Paa Dhariye: 🌼 कब गाई जाती है?
  • गुरु रविदास जयंती
  • सत्संग
  • रविदास भजन संध्या
  • धार्मिक आयोजन
  • आध्यात्मिक प्रवचन
  • गुरु महिमा कार्यक्रम

Simbhal Simbhal Kai Paa Dhariye: ❓FAQs
Q1. “सिम्भल सिम्भल कै पा धरिये” किस प्रकार की वाणी है?

यह गुरु रविदास जी की शिक्षाओं से प्रेरित आध्यात्मिक और नैतिक संदेश देने वाली वाणी है।

Q2. इस वाणी का मुख्य संदेश क्या है?

जीवन में सावधानी, धर्म, संयम और सत्कर्मों के मार्ग पर चलना।

Q3. कुएँ और गगरी का उदाहरण क्यों दिया गया है?

यह जीवन की जिम्मेदारियों और संतुलन का प्रतीक है, जो हमें हर कदम सोच-समझकर रखने की सीख देता है।

Q4. क्या इस पोस्ट में Hindi और English दोनों Lyrics उपलब्ध हैं?

हाँ, इस पोस्ट में दोनों भाषाओं में संपूर्ण Lyrics दिए गए हैं।

Q5. यह वाणी किन अवसरों पर गाई जाती है?

गुरु रविदास जयंती, सत्संग, भजन संध्या और धार्मिक आयोजनों में।


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Simbhal Simbhal Kai Paa Dhariye: 🌺 निष्कर्ष

“सिम्भल सिम्भल कै पा धरिये” केवल एक भजन नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक अनमोल सीख है। यह वाणी हमें सिखाती है कि यदि हम धर्म, संयम और सदाचार के मार्ग पर सावधानी से चलें, तो जीवन की कठिनाइयों के बीच भी अपने लक्ष्य तक सुरक्षित पहुँच सकते हैं। गुरु रविदास जी की यह वाणी आज भी उतनी ही प्रेरणादायक है जितनी अपने समय में थी।

🙏 जय गुरु रविदास महाराज 🙏

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