Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics
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ॐ जय जगदीश हरे आरती लिरिक्स | Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi & English

Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi & English: ॐ जय जगदीश हरे आरती भगवान श्री हरि विष्णु एवं श्री जगदीश की सबसे लोकप्रिय आरतियों में से एक है। यह आरती भक्त और भगवान के बीच प्रेम, श्रद्धा, विश्वास तथा पूर्ण समर्पण की भावना को व्यक्त करती है।

Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi & English: इस आरती में भक्त भगवान से अपने जीवन के संकट दूर करने, सुख-समृद्धि प्रदान करने, पापों का नाश करने, मन को शांति देने और सच्ची भक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करता है। भारत के अनेक घरों, मंदिरों, सत्संगों और धार्मिक आयोजनों में इस आरती का श्रद्धापूर्वक गायन किया जाता है।

Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi & English: यदि आप Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi, English Lyrics, भावार्थ, महत्व, आरती कब करें और FAQs खोज रहे हैं, तो इस लेख में आपको इसकी संपूर्ण जानकारी मिलेगी।

Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi & English: ॐ जय जगदीश हरे आरती लिरिक्स
ॐ जय जगदीश हरे आरती Lyrics in Hindi

ॐ जय जगदीश हरे,
स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट,
क्षण में दूर करे॥

ॐ जय जगदीश हरे॥

जो ध्यावे फल पावे,
दुःख विनसे मन का।
सुख संपत्ति घर आवे,
कष्ट मिटे तन का॥

ॐ जय जगदीश हरे॥

मात-पिता तुम मेरे,
शरण गहूँ किसकी।
तुम बिन और न दूजा,
आस करूँ मैं जिसकी॥

ॐ जय जगदीश हरे॥

तुम पूरण परमात्मा,
तुम अन्तर्यामी।
पारब्रह्म परमेश्वर,
तुम सबके स्वामी॥

ॐ जय जगदीश हरे॥

तुम करुणा के सागर,
तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी,
कृपा करो भर्ता॥

ॐ जय जगदीश हरे॥

तुम हो एक अगोचर,
सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूँ दयामय,
तुमको मैं कुमति॥

ॐ जय जगदीश हरे॥

दीनबंधु दुःखहर्ता,
तुम रक्षक मेरे।
अपने हाथ उठाओ,
द्वार पड़ा तेरे॥

ॐ जय जगदीश हरे॥

विषय-विकार मिटाओ,
पाप हरो देवा।
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,
संतों की सेवा॥

ॐ जय जगदीश हरे॥

तन मन धन तेरा,
स्वामी सब कुछ है तेरा।
तेरा तुझको अर्पण,
क्या लागे मेरा॥

ॐ जय जगदीश हरे॥

श्री जगदीश जी की आरती,
जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी,
सुख संपत्ति पावे॥

ॐ जय जगदीश हरे॥

Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi & English: Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in English

Om Jai Jagdish Hare,
Swami Jai Jagdish Hare.
Bhakt Janon Ke Sankat,
Kshan Mein Door Kare.

Om Jai Jagdish Hare.

Jo Dhyave Phal Pave,
Dukh Vinse Man Ka.
Sukh Sampatti Ghar Aave,
Kasht Mite Tan Ka.

Om Jai Jagdish Hare.

Maat Pita Tum Mere,
Sharan Gahun Kiski.
Tum Bin Aur Na Dooja,
Aas Karun Main Jiski.

Om Jai Jagdish Hare.

Tum Puran Parmatma,
Tum Antaryami.
Parbrahm Parmeshwar,
Tum Sabke Swami.

Om Jai Jagdish Hare.

Tum Karuna Ke Sagar,
Tum Palankarta.
Main Moorakh Khal Kami,
Kripa Karo Bharta.

Om Jai Jagdish Hare.

Tum Ho Ek Agochar,
Sabke Pranpati.
Kis Vidhi Milun Dayamay,
Tumko Main Kumati.

Om Jai Jagdish Hare.

Deenbandhu Dukhharta,
Tum Rakshak Mere.
Apne Haath Uthao,
Dwar Pada Tere.

Om Jai Jagdish Hare.

Vishay Vikar Mitao,
Paap Haro Deva.
Shraddha Bhakti Badhao,
Santon Ki Seva.

Om Jai Jagdish Hare.

Tan Man Dhan Tera,
Swami Sab Kuch Hai Tera.
Tera Tujhko Arpan,
Kya Lage Mera.

Om Jai Jagdish Hare.

Shri Jagdish Ji Ki Aarti,
Jo Koi Nar Gave.
Kahat Shivanand Swami,
Sukh Sampatti Pave.

Om Jai Jagdish Hare.


Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi & English: ॐ जय जगदीश हरे आरती का अर्थ

ॐ जय जगदीश हरे आरती में भक्त भगवान जगदीश से अपने जीवन के दुख, संकट और परेशानियों को दूर करने की प्रार्थना करता है। भक्त भगवान को अपने माता-पिता, पालनकर्ता, रक्षक और परमात्मा के रूप में स्वीकार करता है।

आरती की शुरुआत में भक्त कहता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा से भगवान का ध्यान करता है, उसके मन के दुख दूर होते हैं और उसके जीवन में सुख-संपत्ति का आगमन होता है।

आगे भक्त भगवान को पूर्ण परमात्मा, अंतर्यामी और समस्त संसार का स्वामी बताता है। वह स्वीकार करता है कि भगवान के अतिरिक्त उसका कोई दूसरा सहारा नहीं है।

आरती में भक्त अपनी कमजोरियों और गलतियों को स्वीकार करते हुए भगवान से कृपा की प्रार्थना करता है। वह उनसे विषय-विकार और पापों को दूर करने तथा श्रद्धा, भक्ति और संतों की सेवा की भावना प्रदान करने की विनती करता है।

सबसे महत्वपूर्ण संदेश अंतिम चरणों में दिखाई देता है—

“तन मन धन तेरा, स्वामी सब कुछ है तेरा।
तेरा तुझको अर्पण, क्या लागे मेरा।”

इसका भाव यह है कि मनुष्य के पास जो कुछ भी है, वह वास्तव में ईश्वर की ही देन है। इसलिए अपने तन, मन, धन और कर्मों को भगवान के चरणों में समर्पित करना ही सच्ची भक्ति का भाव है।


Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi & English: ॐ जय जगदीश हरे आरती का महत्व

यह आरती भगवान के प्रति श्रद्धा, समर्पण, विनम्रता और विश्वास का प्रतीक मानी जाती है। आरती के माध्यम से भक्त अपने मन की चिंताओं को भगवान के चरणों में अर्पित करता है और उनसे सही मार्ग पर चलने की प्रार्थना करता है।

धार्मिक परंपरा में आरती को पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। दीपक की ज्योति के साथ भगवान का स्मरण करने से भक्त का ध्यान आध्यात्मिक भाव की ओर केंद्रित होता है।

इस आरती की विशेषता यह है कि इसमें भगवान से केवल सांसारिक सुख की मांग नहीं की गई है, बल्कि श्रद्धा, भक्ति, संतों की सेवा और पापों से दूर रहने की प्रार्थना भी की गई है।


Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi & English: ॐ जय जगदीश हरे आरती किस भगवान को समर्पित है?

यह आरती भगवान श्री हरि विष्णु एवं जगदीश भगवान की स्तुति और आराधना के रूप में गाई जाती है।

भगवान विष्णु को हिंदू धर्म की मान्यता में संसार के पालनकर्ता के रूप में माना जाता है। भक्त इस आरती के माध्यम से भगवान की करुणा, पालन शक्ति और संरक्षण का स्मरण करता है।


Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi & English: ॐ जय जगदीश हरे आरती कब करनी चाहिए?

ॐ जय जगदीश हरे आरती किसी विशेष दिन तक सीमित नहीं है। इसे श्रद्धा के साथ नियमित पूजा के समय किया जा सकता है।

विशेष रूप से यह आरती इन अवसरों पर गाई जाती है:

  • 🌅 सुबह की पूजा
  • 🌙 शाम की आरती
  • 🛕 मंदिर में दैनिक पूजा
  • 📿 सत्यनारायण कथा
  • 🙏 एकादशी
  • 🌺 विष्णु पूजा
  • 🏠 गृह प्रवेश
  • 💍 विवाह एवं धार्मिक समारोह
  • 🪔 भजन संध्या
  • 📖 सत्संग
  • 🎉 धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन

Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi & English: ॐ जय जगदीश हरे आरती से मिलने वाली प्रेरणा

इस आरती का सबसे बड़ा संदेश ईश्वर के प्रति पूर्ण विश्वास और समर्पण है।

जीवन में सुख और दुख दोनों आते रहते हैं। ऐसी परिस्थितियों में भगवान का स्मरण मनुष्य को धैर्य और सकारात्मक सोच बनाए रखने की प्रेरणा देता है।

आरती हमें सिखाती है कि—

  • भगवान को अपना सर्वोच्च सहारा मानें।
  • अहंकार से दूर रहें।
  • अपने कर्मों को ईश्वर को समर्पित करें।
  • दूसरों की सेवा करें।
  • श्रद्धा और भक्ति को जीवन का हिस्सा बनाएं।
  • गलत विचारों और बुरी आदतों से दूर रहने का प्रयास करें।
  • कठिन समय में धैर्य और विश्वास बनाए रखें।

Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi & English: ॐ जय जगदीश हरे आरती पढ़ने और गाने का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धा और भक्ति के साथ आरती करने से मन को शांति और आध्यात्मिक संतोष प्राप्त होता है। नियमित पूजा और आरती व्यक्ति को अपने भीतर सकारात्मक भाव विकसित करने में सहायता कर सकती है।

भक्तों के लिए इस आरती का महत्व केवल इसके पाठ में नहीं, बल्कि इसके भाव को अपने जीवन में उतारने में भी है।

जब व्यक्ति “तेरा तुझको अर्पण” की भावना को समझता है, तब उसके भीतर अहंकार और स्वार्थ कम करने तथा कृतज्ञता के साथ जीवन जीने की प्रेरणा उत्पन्न होती है।


Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi & English: घर में ॐ जय जगदीश हरे आरती कैसे करें?

घर में आरती करते समय सबसे पहले पूजा स्थान को स्वच्छ करें। भगवान के सामने दीपक जलाकर श्रद्धापूर्वक पूजा करें और फिर आरती का गायन करें।

आप अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा की अन्य विधियां भी कर सकते हैं।

आरती के दौरान मन को शांत रखें और भगवान का ध्यान करते हुए आरती गाएं। अंत में भगवान से परिवार की सुख-शांति, स्वास्थ्य और मंगल की प्रार्थना करें।


Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi & English: आरती के बाद क्या प्रार्थना करें?

आरती के बाद कुछ क्षण शांत होकर भगवान को धन्यवाद देना एक सुंदर आध्यात्मिक अभ्यास हो सकता है।

आप भगवान से प्रार्थना कर सकते हैं कि वे आपको—

सद्बुद्धि, श्रद्धा, भक्ति, धैर्य, अच्छे कर्म करने की शक्ति और दूसरों की सेवा करने की भावना प्रदान करें।

साथ ही अपने परिवार, समाज और सभी प्राणियों के कल्याण की प्रार्थना करना भी भारतीय भक्ति परंपरा की सुंदर भावना है।


Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi & English: ॐ जय जगदीश हरे आरती की विशेषताएँ

ॐ जय जगदीश हरे आरती की कुछ प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:

  • भगवान जगदीश की स्तुति करती है।
  • भक्त और भगवान के संबंध को सरल शब्दों में व्यक्त करती है।
  • भगवान को माता-पिता और पालनकर्ता के रूप में प्रस्तुत करती है।
  • दुख और संकट से मुक्ति की प्रार्थना करती है।
  • श्रद्धा और भक्ति बढ़ाने का संदेश देती है।
  • संतों की सेवा और अच्छे कर्मों की प्रेरणा देती है।
  • पूर्ण समर्पण और कृतज्ञता का भाव व्यक्त करती है।
  • घर और मंदिर दोनों में गाई जा सकती है।

Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi & English: ॐ जय जगदीश हरे आरती FAQs
Q1. ॐ जय जगदीश हरे आरती किस भगवान की है?

उत्तर: ॐ जय जगदीश हरे आरती भगवान श्री हरि विष्णु एवं जगदीश भगवान की स्तुति में गाई जाती है।

Q2. ॐ जय जगदीश हरे आरती कब गाई जाती है?

उत्तर: यह आरती सुबह या शाम की पूजा, मंदिर की दैनिक आरती, सत्यनारायण कथा, एकादशी, विष्णु पूजा और विभिन्न धार्मिक अवसरों पर गाई जाती है।

Q3. क्या ॐ जय जगदीश हरे आरती घर में गा सकते हैं?

उत्तर: हाँ, श्रद्धा और भक्ति के साथ इस आरती को घर की दैनिक पूजा के दौरान गाया जा सकता है।

Q4. ॐ जय जगदीश हरे आरती का मुख्य संदेश क्या है?

उत्तर: इसका मुख्य संदेश भगवान के प्रति श्रद्धा, विश्वास, भक्ति और पूर्ण समर्पण है। आरती भक्त को अच्छे कर्म, संतों की सेवा और ईश्वर के स्मरण की प्रेरणा देती है।

Q5. “तेरा तुझको अर्पण, क्या लागे मेरा” का क्या अर्थ है?

उत्तर: इसका भाव है कि मनुष्य के पास जो कुछ भी है, वह ईश्वर की ही देन है। इसलिए अपने तन, मन, धन और कर्मों को भगवान को समर्पित करने की भावना रखनी चाहिए।

Q6. क्या इस आरती को रोज गाया जा सकता है?

उत्तर: हाँ। धार्मिक परंपरा के अनुसार भक्त अपनी श्रद्धा और सुविधा के अनुसार इसे प्रतिदिन पूजा के समय गा सकते हैं।

Q7. क्या यह आरती सत्यनारायण पूजा में गाई जाती है?

उत्तर: हाँ, भगवान विष्णु से संबंधित पूजा और सत्यनारायण कथा के अवसर पर ॐ जय जगदीश हरे आरती का गायन कई स्थानों पर किया जाता है।

Q8. क्या इस आरती के Lyrics हिंदी और English दोनों में उपलब्ध हैं?

उत्तर: हाँ, इस लेख में ॐ जय जगदीश हरे आरती के Hindi Lyrics और English Roman Lyrics दोनों दिए गए हैं।


Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi & English: निष्कर्ष

ॐ जय जगदीश हरे आरती भारतीय भक्ति परंपरा की ऐसी लोकप्रिय आरती है जो भक्त को भगवान के प्रति श्रद्धा, विश्वास और समर्पण की भावना से जोड़ती है।

इसके शब्द हमें याद दिलाते हैं कि जीवन में मिलने वाली हर वस्तु और हर सुख के पीछे ईश्वर की कृपा को स्वीकार करना चाहिए। साथ ही हमें अच्छे कर्म करने, दूसरों की सेवा करने और कठिन परिस्थितियों में भी भगवान पर विश्वास बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है।

यदि आप Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi, English Lyrics, अर्थ, महत्व और FAQs खोज रहे थे, तो यह लेख आपके लिए संपूर्ण जानकारी प्रदान करता है।

🙏 ॐ जय जगदीश हरे।
🙏 जय श्री हरि विष्णु।

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