Kabhi Ruth Na Mujhse Tu Shyam Sanwre Lyrics
Bhajan Lyrics

कभी रूठ ना मुझसे तू श्याम साँवरे – खाटू श्याम भजन लिरिक्स

Kabhi Ruth Na Mujhse Tu Shyam Sanwre Lyrics: “कभी रूठ ना मुझसे तू श्याम साँवरे” बाबा खाटू श्याम को समर्पित एक बेहद भावुक और मधुर भजन है। इस भजन में भक्त अपने श्याम से केवल एक ही प्रार्थना करता है कि बाबा उससे कभी नाराज न हों और हमेशा अपना हाथ उसके सिर पर बनाए रखें।

भक्त के लिए बाबा श्याम ही उसकी जिंदगी, उसकी पहचान, उसका सहारा और उसके जीवन का आधार हैं। सुबह से शाम तक श्याम का नाम लेना, उनके चरणों में ध्यान लगाना और सुख-दुख हर परिस्थिति में उन्हें याद करना ही भक्त के जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य बन जाता है।

इस भजन में बाबा के प्रति प्रेम के साथ-साथ अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगने और श्याम की कृपा पाने की गहरी भावना भी दिखाई देती है।


🙏 कभी रूठ ना मुझसे तू श्याम साँवरे – भजन लिरिक्स

कभी रूठ ना मुझसे तू श्याम साँवरे,
मेरी ज़िंदगी है तू तेरे नाम साँवरे,
मेरे साँवरे सबेरा तेरे नाम से,
तेरे नाम से ही ज़िंदगी की शाम साँवरे।

चिंतन हो सदा मन में तेरा,
चरणों में तेरा मेरा ध्यान रहे,
चाहे दुख में रहूँ चाहे सुख में रहूँ,
होंठों पे सदा तेरा नाम रहे।

तेरे नाम से ही मेरी पहचान है, पहचान है,
तेरी सेवा में ही मेरा कल्याण है, कल्याण है,
मेरा रोम-रोम तेरा कर्जाई है,
तेरे कितने गिनाऊँ एहसान साँवरे।

कभी रूठ ना मुझसे तू श्याम साँवरे,
मेरी ज़िंदगी है तू तेरे नाम साँवरे।


दिल तुमसे लगाना सीखा है,
तुमसे ही सीखा याराना,
जीवन को सँवारा है तुमने,
बदले में दूँ क्या नज़राना।

मैंने दिल हारा, ये भी तेरी प्रीत है, हाँ प्रीत है,
मेरी हार में भी श्याम मेरी जीत है,
बस दिल की यही है एक आरजू,
तुझे दिल का बना लूँ मेहमान साँवरे।

कभी रूठ ना मुझसे तू श्याम साँवरे,
मेरी ज़िंदगी है तू तेरे नाम साँवरे।


दुनिया के मैं अवगुण क्या देखूँ,
मेरे अवगुण हैं कई हजार प्रभु,
उन अवगुण सब ढक लोगे,
इतना है मुझे ऐतबार प्रभु।

मेरे अवगुण से नज़रों को फेर लो, हाँ फेर लो,
अपनी बाहों में प्रभुजी मुझे घेर लो,
ऐसी कृपा करो ना इस दास पे,
रहे पापों का कोई निशान साँवरे।

कभी रूठ ना मुझसे तू श्याम साँवरे,
मेरी ज़िंदगी है तू तेरे नाम साँवरे।


कभी रूठ ना मुझसे तू श्याम साँवरे,
मेरी ज़िंदगी है तू तेरे नाम साँवरे।


🌸 कभी रूठ ना मुझसे तू श्याम साँवरे – भजन का भावार्थ

इस भजन का मूल भाव बाबा श्याम के प्रति अटूट प्रेम और समर्पण है। भक्त अपने आराध्य से कहता है कि हे श्याम, आप मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। मेरी सुबह आपके नाम से शुरू होती है और मेरी शाम भी आपके नाम से ही होती है।

भक्त की इच्छा है कि जीवन में चाहे सुख आए या दुख, उसके होंठों से बाबा का नाम कभी न छूटे।

❤️ “मेरी ज़िंदगी है तू” – इस पंक्ति का भाव

भजन की सबसे भावुक पंक्तियों में से एक है—

“मेरी ज़िंदगी है तू तेरे नाम साँवरे।”

भक्त के लिए बाबा श्याम केवल पूजा करने वाले भगवान नहीं हैं, बल्कि उसके जीवन का आधार हैं। उसकी पहचान, उसकी उम्मीद और उसका विश्वास सब कुछ श्याम के नाम से जुड़ा हुआ है।


Kabhi Ruth Na Mujhse Tu Shyam Sanwre Lyricsसुख-दुख में श्याम का नाम

भक्त कहता है—

“चाहे दुख में रहूँ चाहे सुख में रहूँ,
होंठों पे सदा तेरा नाम रहे।”

यह पंक्ति सच्ची भक्ति की भावना को दर्शाती है। भक्त बाबा से यह नहीं मांगता कि उसके जीवन में कभी दुख न आए। वह केवल इतना चाहता है कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, उसका मन श्याम के चरणों से जुड़ा रहे।

यही इस भजन की सबसे खूबसूरत सीख है।


🌺 श्याम नाम ही मेरी पहचान

भजन में भक्त कहता है—

“तेरे नाम से ही मेरी पहचान है,
तेरी सेवा में ही मेरा कल्याण है।”

यहाँ भक्त अपने जीवन का उद्देश्य बाबा श्याम की सेवा और भक्ति को मानता है। उसके लिए संसार में सबसे बड़ी उपलब्धि बाबा का नाम और उनकी कृपा है।

श्याम नाम उसके लिए केवल नाम नहीं बल्कि विश्वास और जीवन जीने की प्रेरणा है।


💕 दिल तुमसे लगाना सीखा है

दूसरे अंतरे में भक्त बाबा से अपने प्रेम का इज़हार करता है—

“दिल तुमसे लगाना सीखा है,
तुमसे ही सीखा याराना।”

भक्त मानता है कि बाबा ने ही उसके जीवन को सँवारा है। इसलिए वह सोचता है कि बाबा के इस प्रेम और उपकार के बदले वह उन्हें क्या दे सकता है।

इसीलिए वह कहता है—

“मेरी हार में भी श्याम मेरी जीत है।”

क्योंकि जब बाबा साथ हों, तब भक्त के लिए हार भी एक तरह की जीत बन जाती है।


🦚 अपनी गलतियों के लिए क्षमा की प्रार्थना

भजन का अंतिम अंतरा बेहद भावुक है। भक्त दुनिया के अवगुणों को देखने के बजाय अपने अंदर के अवगुणों को स्वीकार करता है।

“मेरे अवगुण हैं कई हजार प्रभु,
उन अवगुण सब ढक लोगे,
इतना है मुझे ऐतबार प्रभु।”

यहाँ भक्त बाबा से अपनी गलतियों को क्षमा करने की प्रार्थना करता है। वह चाहता है कि बाबा उसकी कमियों को देखकर उससे अपना मुख न मोड़ें, बल्कि उसे अपनी शरण में ले लें।

यह पूर्ण आत्मसमर्पण और विश्वास की भावना है।


🌼 “कभी रूठ ना मुझसे” की भावपूर्ण प्रार्थना

भजन की मुख्य पंक्ति—

“कभी रूठ ना मुझसे तू श्याम साँवरे”

दरअसल भक्त के दिल की सबसे बड़ी इच्छा है।

भक्त को संसार की किसी चीज से उतना डर नहीं लगता, जितना अपने बाबा की नाराजगी से। वह जानता है कि अगर बाबा का हाथ उसके सिर पर है, तो जीवन की बड़ी से बड़ी मुश्किल भी छोटी हो सकती है।

इसलिए वह बाबा से हमेशा अपने साथ बने रहने की प्रार्थना करता है।


🌹 भजन की मुख्य विशेषताएँ

  • बाबा श्याम के प्रति अटूट प्रेम
  • श्याम नाम को जीवन का आधार मानना
  • सुख-दुख में प्रभु का स्मरण
  • बाबा की सेवा और भक्ति का भाव
  • अपनी गलतियों के लिए क्षमा याचना
  • बाबा से कभी नाराज न होने की प्रार्थना
  • भक्त और भगवान के बीच प्रेमपूर्ण संबंध
  • पूर्ण समर्पण और विश्वास

🎶 यह भजन कब सुनें?

“कभी रूठ ना मुझसे तू श्याम साँवरे” भजन को आप इन अवसरों पर सुन सकते हैं—

  • खाटू श्याम जी की भक्ति के समय
  • सुबह की पूजा में
  • शाम की आरती और भजन में
  • श्याम जागरण में
  • भजन संध्या में
  • एकादशी के अवसर पर
  • बाबा श्याम का ध्यान करते समय
  • जब मन को शांति और सकारात्मकता की आवश्यकता हो

यह भजन खासतौर पर शांत और भावपूर्ण भक्ति के लिए उपयुक्त है।


💖 भजन से मिलने वाला संदेश

इस भजन का संदेश बहुत सरल लेकिन गहरा है—

भगवान से केवल सुख नहीं, उनका साथ मांगना चाहिए।

जीवन में परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं। कभी सुख आता है तो कभी दुख। लेकिन यदि मन में अपने आराध्य के प्रति विश्वास बना रहे, तो कठिन समय भी आसानी से पार किया जा सकता है।

भक्त बाबा से यही चाहता है कि उसका मन हमेशा श्याम के नाम में लगा रहे और उसके जीवन की हर सुबह और हर शाम बाबा के नाम से जुड़ी रहे।


❓ कभी रूठ ना मुझसे तू श्याम साँवरे – FAQ

1. “कभी रूठ ना मुझसे तू श्याम साँवरे” भजन किसे समर्पित है?

यह भजन बाबा खाटू श्याम को समर्पित है। इसमें भक्त बाबा से हमेशा अपना साथ बनाए रखने की प्रार्थना करता है।

2. इस भजन का मुख्य भाव क्या है?

इस भजन का मुख्य भाव प्रेम, समर्पण, विश्वास और बाबा श्याम से कभी दूर न होने की प्रार्थना है।

3. भजन में भक्त बाबा से क्या मांगता है?

भक्त बाबा से उनकी कृपा, सेवा का अवसर, अपने जीवन में उनका साथ और अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगता है।

4. “तेरे नाम से ही मेरी पहचान है” का क्या अर्थ है?

इसका अर्थ है कि भक्त अपने जीवन की सबसे बड़ी पहचान बाबा श्याम के नाम और उनकी भक्ति को मानता है।

5. “मेरी हार में भी श्याम मेरी जीत है” का क्या भाव है?

इसका भाव है कि अगर बाबा श्याम का साथ मिल जाए तो सांसारिक हार भी भक्त के लिए जीत के समान है, क्योंकि उसके पास बाबा का विश्वास और प्रेम है।

6. क्या यह भजन श्याम जागरण में गाया जा सकता है?

हाँ, यह भजन श्याम जागरण, भजन संध्या, कीर्तन और व्यक्तिगत भक्ति के लिए बहुत उपयुक्त है।


🚩 जय श्री श्याम

“कभी रूठ ना मुझसे तू श्याम साँवरे” एक ऐसे भक्त के दिल की आवाज है जो बाबा श्याम को अपने जीवन का आधार मानता है।

उसके लिए श्याम का नाम ही सुबह है, श्याम का नाम ही शाम है और श्याम की सेवा ही जीवन का कल्याण है।

मेरी ज़िंदगी है तू तेरे नाम साँवरे,
मेरे साँवरे सबेरा तेरे नाम से,
तेरे नाम से ही ज़िंदगी की शाम साँवरे।

बाबा श्याम अपने सभी भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखें और हर भक्त के जीवन में प्रेम, शांति और विश्वास का प्रकाश भरें।

जय श्री श्याम 🙏🦚
हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा।


Kabhi Ruth Na Mujhse Tu Shyam Sanwre Lyrics Keywords:
कभी रूठ ना मुझसे तू श्याम साँवरे लिरिक्स, श्याम साँवरे भजन, खाटू श्याम भजन लिरिक्स, Khatu Shyam Bhajan Lyrics, Kabhi Ruth Na Mujhse Tu Shyam Sanwre, बाबा श्याम भजन, श्याम जी के भजन, खाटू वाले श्याम भजन, श्याम भक्ति भजन

Kabhi Ruth Na Mujhse Tu Shyam Sanwre Lyrics Tags:
कभी रूठ ना मुझसे तू श्याम साँवरे, खाटू श्याम भजन, खाटू श्याम भजन लिरिक्स, श्याम साँवरे भजन, बाबा श्याम भजन, श्याम जी के भजन, Khatu Shyam Bhajan, Khatu Shyam Lyrics, Kabhi Ruth Na Mujhse, Shyam Bhajan, श्याम भक्ति, खाटू वाले श्याम, हारे का सहारा

You Can Follow Us For More Updates On Youtube Also. Please Share Our Blog To Your Friends And Family.

Read Also: Pakad Lo Hath Banwari Lyrics in Hindi

Read Also: Hanuman Chalisa Lyrics in Hindi

Read Also: Tu Kirpa Kar Baba Kirtan Karwaunga Bhajan Lyrics

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *