Anil Kumble 110 | India 664 vs England | The Oval Test 2007*
Indian team scores 664 runs: क्रिकेट इतिहास में कुछ मुकाबले ऐसे होते हैं जिन्हें सिर्फ स्कोरकार्ड से नहीं समझा जा सकता। 9 से 13 अगस्त 2007 के बीच लंदन के द ओवल में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया तीसरा टेस्ट भी ऐसा ही मुकाबला था।
भारतीय टीम ने पहली पारी में 664 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। लेकिन इस पारी की सबसे बड़ी कहानी सिर्फ टीम का स्कोर नहीं थी। भारत के नंबर-8 बल्लेबाज और महान लेग स्पिनर अनिल कुंबले ने नाबाद 110 रन बनाकर अपने टेस्ट करियर का पहला शतक पूरा किया।
Indian team scores 664 runs: कुंबले ने यह शतक अपने 118वें टेस्ट मैच में बनाया और इस उपलब्धि के लिए उन्हें 17 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा। उनकी पारी में 16 चौके और 1 छक्का शामिल था।
और भी खास बात यह रही कि भारत के सभी 11 बल्लेबाजों ने दहाई का आंकड़ा पार किया। टेस्ट क्रिकेट में यह उस समय केवल 11वीं ऐसी पारी थी और भारत के लिए चौथी बार ऐसा हुआ था।
📌 India vs England 3rd Test 2007: मैच का पूरा स्कोरकार्ड
| पारी | स्कोर |
|---|---|
| 🇮🇳 भारत – पहली पारी | 664 ऑलआउट |
| 🏴 इंग्लैंड – पहली पारी | 345 ऑलआउट |
| 🇮🇳 भारत – दूसरी पारी | 180/6 घोषित |
| 🏴 इंग्लैंड – दूसरी पारी | 369/6 |
| परिणाम | मैच ड्रॉ |
| मैदान | The Oval, London |
| तारीख | 9–13 अगस्त 2007 |
| प्लेयर ऑफ द मैच | अनिल कुंबले |
🔥 भारत की 664 रन की ऐतिहासिक पारी
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। ओवल की पिच बल्लेबाजी के लिए शानदार थी और भारतीय बल्लेबाजों ने इसका पूरा फायदा उठाया।
भारत की पारी में लगभग हर बल्लेबाज ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। यही वजह रही कि टीम 170 ओवर में 664 रन तक पहुंच गई।
भारत की ओर से सबसे बड़ी पारियां इस प्रकार रहीं:
| बल्लेबाज | रन |
| अनिल कुंबले* | 110 |
| एमएस धोनी | 92 |
| दिनेश कार्तिक | 91 |
| सचिन तेंदुलकर | 82 |
| राहुल द्रविड़ | 55 |
| वीवीएस लक्ष्मण | 51 |
| सौरव गांगुली | 37 |
| वसीम जाफर | 35 |
| एस. श्रीसंत | 35 |
| जहीर खान | 11 |
| आरपी सिंह | 11 |
⭐ अनिल कुंबले ने 118वें टेस्ट में पूरा किया शतक का सपना
Indian team scores 664 runs: इस मैच की सबसे यादगार घटना थी अनिल कुंबले का पहला टेस्ट शतक।
कुंबले जब बल्लेबाजी करने आए, तब भारत पहले से ही मजबूत स्थिति में था। लेकिन उन्होंने धीरे-धीरे पारी को आगे बढ़ाया और अपने करियर का सबसे बड़ा बल्लेबाजी मुकाम हासिल किया।
उन्होंने 193 गेंदों पर नाबाद 110 रन बनाए। उनकी पारी में 16 चौके और एक छक्का शामिल था।
Indian team scores 664 runs: कुंबले का पिछला टेस्ट सर्वोच्च स्कोर 88 रन था। 118 टेस्ट खेलने के बाद उनका पहला शतक आया—और यही बात इस उपलब्धि को और खास बनाती है। उस समय तक किसी बल्लेबाज को अपने पहले टेस्ट शतक के लिए कुंबले से ज्यादा टेस्ट खेलने की जरूरत नहीं पड़ी थी।
जब कुंबले शतक के करीब पहुंचे, तब उनके साथ आखिरी बल्लेबाज एस. श्रीसंत मौजूद थे। कुंबले ने केविन पीटरसन की गेंद पर गेंद को विकेटकीपर के पैरों के बीच से निकालकर तीन अंक का आंकड़ा पूरा किया।
Indian team scores 664 runs: शतक पूरा होते ही कुंबले ने अपना हेलमेट उतारा और भारतीय ड्रेसिंग रूम की ओर बल्ला उठाया। भारतीय टीम के खिलाड़ी भी बालकनी में खड़े होकर इस ऐतिहासिक पल का जश्न मनाने लगे।
💥 एमएस धोनी की 92 रन की तूफानी पारी
Indian team scores 664 runs: भारत की विशाल पारी में एमएस धोनी का योगदान भी बेहद महत्वपूर्ण था।
धोनी ने सिर्फ 81 गेंदों पर 92 रन बनाए। उनकी पारी में 9 चौके और 4 छक्के शामिल थे।
Indian team scores 664 runs: उन्होंने तेजी से रन बनाकर इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाया और भारत को बड़े स्कोर की ओर तेजी से पहुंचाया। कुंबले के साथ उनकी साझेदारी ने भारत की पारी को और मजबूत किया। दोनों ने मिलकर 91 रन जोड़े।
🏏 भारत की पारी में बना एक अनोखा रिकॉर्ड
Indian team scores 664 runs: भारत की 664 रन की पारी में एक बेहद खास रिकॉर्ड बना।
सभी 11 भारतीय बल्लेबाजों ने दहाई का आंकड़ा पार किया।
यानी भारत के किसी भी बल्लेबाज ने 10 से कम रन नहीं बनाए।
Indian team scores 664 runs: यह टेस्ट क्रिकेट में उस समय 11वीं ऐसी पारी थी जिसमें एक टीम के सभी 11 बल्लेबाजों ने कम से कम 10 रन बनाए थे। भारत के लिए यह ऐसी चौथी पारी थी। इसलिए इसे केवल “50 साल में पहली बार” कहना सही नहीं होगा।
📊 आठ साझेदारियों ने भी रचा इतिहास
Indian team scores 664 runs: भारत की 664 रन की पारी में सिर्फ बड़े व्यक्तिगत स्कोर ही नहीं आए, बल्कि साझेदारियों का भी दबदबा रहा।
इस पारी में आठ अलग-अलग साझेदारियां 50 या उससे ज्यादा रन की रहीं।
Indian team scores 664 runs: ESPNcricinfo के अनुसार, यह उस समय टेस्ट क्रिकेट में पहली ऐसी पारी थी जिसमें आठ साझेदारियां 50 रन के आंकड़े को पार करने में सफल हुईं।
सबसे यादगार साझेदारियों में कुंबले और धोनी की 91 रन की साझेदारी तथा कुंबले और श्रीसंत की 73 रन की 10वें विकेट की साझेदारी शामिल रही।
कुंबले और श्रीसंत की 73 रन की साझेदारी भारत-इंग्लैंड टेस्ट मैचों में उस समय 10वें विकेट की रिकॉर्ड साझेदारी भी बनी।
इंग्लैंड की पहली पारी 345 रन पर सिमटी
Indian team scores 664 runs: भारत के 664 रन के जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी 345 रन पर समाप्त हुई।
इंग्लैंड के लिए इयान बेल ने 63, पॉल कॉलिंगवुड ने 62 और एलिस्टर कुक ने 61 रन बनाए।
भारत की ओर से गेंदबाजी में जहीर खान ने 3 विकेट और अनिल कुंबले ने 3 विकेट लिए।
Indian team scores 664 runs: इससे भारत को पहली पारी में 319 रन की बढ़त मिली।
भारत ने दूसरी पारी में भी बनाया दबाव
Indian team scores 664 runs: पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल करने के बाद भारत ने दूसरी पारी में 180/6 रन बनाकर पारी घोषित कर दी।
इस पारी में सौरव गांगुली ने 57 रन और वीवीएस लक्ष्मण ने नाबाद 46 रन बनाए।
भारत ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 500 रन का लक्ष्य रखा।
अब इंग्लैंड के सामने दो ही विकल्प थे—या तो असंभव सा लक्ष्य हासिल करे या फिर मैच बचाए।
🏴 इंग्लैंड ने बचाया मैच
Indian team scores 664 runs: इंग्लैंड ने लक्ष्य का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन भारत के गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा।
फिर भी केविन पीटरसन ने 101 रन और इयान बेल ने नाबाद 67 रन की शानदार पारियां खेलकर इंग्लैंड को हार से बचा लिया।
इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 369/6 बनाए और मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
Indian team scores 664 runs: भारत जीत से कुछ विकेट दूर रह गया, लेकिन मैच का असली लक्ष्य—इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीतना—पहले ही लगभग तय हो चुका था।
🏆 भारत ने इंग्लैंड में 1-0 से जीती टेस्ट सीरीज
Indian team scores 664 runs: तीसरा टेस्ट ड्रॉ होने के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली।
पहला टेस्ट ड्रॉ रहा था, जबकि दूसरे टेस्ट में भारत ने इंग्लैंड को 7 विकेट से हराया था। तीसरा टेस्ट भी ड्रॉ रहने के कारण भारत ने सीरीज अपने नाम की।
यह भारत के लिए बेहद खास सीरीज थी क्योंकि टीम ने 1986 के बाद पहली बार इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती।
📅 9 अगस्त 2007 से शुरू हुआ था यादगार टेस्ट
Indian team scores 664 runs: यह मुकाबला 9 अगस्त 2007 को लंदन के द ओवल मैदान पर शुरू हुआ और 13 अगस्त को समाप्त हुआ।
मैच के पांचों दिन खेले गए और अंतिम दिन इंग्लैंड ने 369/6 के स्कोर पर मैच बचा लिया।
मैच का दिन-प्रतिदिन हाल
पहला दिन: भारत ने 316/4 का मजबूत स्कोर बनाया।
दूसरा दिन: भारत 664 पर ऑलआउट हुआ। इसी दिन कुंबले ने अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया।
तीसरा दिन: इंग्लैंड की पहली पारी 345 पर समाप्त हुई।
चौथा दिन: भारत ने दूसरी पारी घोषित की और इंग्लैंड ने लक्ष्य का पीछा शुरू किया।
पांचवां दिन: इंग्लैंड 369/6 तक पहुंचा और मुकाबला ड्रॉ हो गया।
🥇 इस मैच के सबसे बड़े रिकॉर्ड और उपलब्धियां
1. अनिल कुंबले का पहला टेस्ट शतक
118वें टेस्ट में 110 रन*।
2. सभी 11 भारतीय बल्लेबाजों ने दहाई का आंकड़ा पार किया
भारत की पारी टेस्ट इतिहास की ऐसी 11वीं पारी बनी।
3. आठ 50+ साझेदारियां
भारत की 664 रन की पारी में आठ साझेदारियां कम से कम 50 रन की रहीं।
4. 10वें विकेट की शानदार साझेदारी
कुंबले और श्रीसंत ने 73 रन जोड़े।
5. भारत का इंग्लैंड के खिलाफ रिकॉर्ड स्कोर
664 रन उस समय इंग्लैंड के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा टेस्ट स्कोर था।
6. कुंबले का ऐतिहासिक इंतजार खत्म
17 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर और 118 टेस्ट के बाद कुंबले ने आखिरकार टेस्ट शतक पूरा किया।
🏏 मैच के हीरो
अनिल कुंबले — 110 रन और मैच में 5 विकेट*
कुंबले का प्रदर्शन इस मैच में बल्ले और गेंद दोनों से महत्वपूर्ण रहा। उनकी ऐतिहासिक शतकीय पारी ने उन्हें Player of the Match का पुरस्कार दिलाया।
एमएस धोनी — 92 रन
81 गेंदों में 92 रन की आक्रामक पारी ने भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
दिनेश कार्तिक — 91 रन
ओपनिंग क्रम में कार्तिक की 91 रन की पारी ने भारत की शुरुआत को मजबूत आधार दिया।
सचिन तेंदुलकर — 82 रन
तेंदुलकर ने भी शानदार 82 रन बनाए और भारत के विशाल स्कोर में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
🤯 सबसे दिलचस्प बात: भारत 664 रन बनाकर भी जीत नहीं सका
Indian team scores 664 runs: यह मुकाबला टेस्ट क्रिकेट की उस खास प्रकृति को दिखाता है जिसमें एक विशाल स्कोर भी जीत की गारंटी नहीं देता।
भारत ने पहली पारी में 664 रन बनाए और इंग्लैंड को 345 पर आउट कर 319 रन की बढ़त हासिल की। इसके बाद दूसरी पारी में 180/6 घोषित करके इंग्लैंड के सामने 500 रन का लक्ष्य रखा।
Indian team scores 664 runs: फिर भी इंग्लैंड ने पीटरसन और बेल की पारियों के दम पर मैच बचा लिया।
यानी भारत जीत के बेहद करीब पहुंचने के बावजूद पांचवें दिन इंग्लैंड की आखिरी मजबूत साझेदारियों को नहीं तोड़ सका।
📌 एक नजर में पूरा मैच
| जानकारी | विवरण |
| मुकाबला | इंग्लैंड vs भारत, तीसरा टेस्ट |
| सीरीज | भारत का इंग्लैंड दौरा, 2007 |
| तारीख | 9–13 अगस्त 2007 |
| मैदान | द ओवल, लंदन |
| टॉस | भारत ने जीता |
| भारत पहली पारी | 664 ऑलआउट |
| इंग्लैंड पहली पारी | 345 ऑलआउट |
| भारत दूसरी पारी | 180/6 घोषित |
| इंग्लैंड दूसरी पारी | 369/6 |
| परिणाम | मैच ड्रॉ |
| प्लेयर ऑफ द मैच | अनिल कुंबले |
| भारत के सर्वाधिक रन | अनिल कुंबले – 110* |
| इंग्लैंड के सर्वाधिक रन | केविन पीटरसन – 101 |
| सीरीज परिणाम | भारत 1-0 से विजेता |
❓ FAQs
Q1. भारत ने 2007 के ओवल टेस्ट में कितने रन बनाए थे?
भारत ने पहली पारी में 664 रन बनाए थे।
Q2. भारत के लिए नंबर-8 पर किसने शतक लगाया था?
महान लेग स्पिनर अनिल कुंबले ने नंबर-8 पर बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 110 रन बनाए।
Q3. अनिल कुंबले ने अपना पहला टेस्ट शतक कितने टेस्ट में लगाया?
कुंबले ने अपना पहला टेस्ट शतक 118वें टेस्ट मैच में लगाया था।
Q4. कुंबले के शतक में कितने चौके और छक्के थे?
उन्होंने 16 चौके और 1 छक्का लगाया था।
Q5. क्या भारत के सभी 11 बल्लेबाजों ने रन बनाए थे?
हाँ। भारत की उस पारी में सभी 11 बल्लेबाजों ने दहाई का आंकड़ा पार किया।
Q6. एमएस धोनी ने कितने रन बनाए?
धोनी ने केवल 81 गेंदों पर 92 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और 4 छक्के शामिल थे।
Q7. भारत ने दूसरी पारी में कितने रन बनाए?
भारत ने दूसरी पारी में 180/6 पर पारी घोषित की थी।
Q8. इंग्लैंड ने दूसरी पारी में कितने रन बनाए?
इंग्लैंड ने 369/6 बनाए और मुकाबला ड्रॉ करा लिया।
Q9. मैच में प्लेयर ऑफ द मैच कौन था?
अनिल कुंबले को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
Q10. भारत ने 2007 की टेस्ट सीरीज किस अंतर से जीती?
भारत ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 1-0 से जीती।
निष्कर्ष
Indian team scores 664 runs: 2007 का ओवल टेस्ट भारतीय क्रिकेट के सबसे यादगार टेस्ट मुकाबलों में से एक है।
664 रन की विशाल पारी, सभी 11 बल्लेबाजों का दहाई का आंकड़ा पार करना, आठ 50+ साझेदारियां और सबसे बढ़कर अनिल कुंबले का 118वें टेस्ट में पहला शतक—इन सभी उपलब्धियों ने इस मैच को ऐतिहासिक बना दिया।
Indian team scores 664 runs: कुंबले की 110 रन की पारी* इस मैच की पहचान बन गई। एक ऐसे खिलाड़ी ने, जो अपने पूरे करियर में मुख्य रूप से गेंद के लिए पहचाना गया, 17 साल के इंतजार के बाद बल्ले से ऐसा प्रदर्शन किया जिसे भारतीय क्रिकेट प्रेमी आज भी याद करते हैं।
मैच भले ही ड्रॉ रहा, लेकिन भारत ने उसी टेस्ट के साथ इंग्लैंड में 1-0 से टेस्ट सीरीज जीतकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। यह सिर्फ 664 रन की कहानी नहीं थी—यह टीम की गहराई, धैर्य और अनिल कुंबले के कभी हार न मानने वाले जज्बे की कहानी थी।
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