Ambedkar Aulad Bhi Kurbaan Kar Gaye Lyrics: “अंबेडकर औलाद भी कुर्बान कर ” एक भावपूर्ण और सामाजिक चेतना से जुड़ा भजन है। इस भजन में डॉ. भीमराव अंबेडकर के संघर्ष, त्याग और समाज के प्रति उनके समर्पण को भावनात्मक शब्दों में याद किया गया है।
भजन में उनके जीवन के कठिन संघर्षों, परिवार से जुड़े दुखों और समाज को शिक्षित एवं सम्मान के साथ आगे बढ़ाने के उनके प्रयासों का वर्णन किया गया है। इसकी पंक्तियां श्रोताओं को शिक्षा, समानता, अधिकार और सामाजिक सम्मान के महत्व पर विचार करने के लिए प्रेरित करती हैं।
अंबेडकर औलाद भी कुर्बान – हिंदी Lyrics
माँ बाप तक गवां दिया,
दलितों का सर उठा दिया,
अर्धांगिनी भी ना रही,
एक एक रतन लूटा दिया।
इतने बड़े त्याग से हैरान कर गये,
अंबेडकर औलाद भी कुर्बान कर गये।
अंबेडकर औलाद भी कुर्बान कर गये।
कितना दर्द समाज की खातिर वो जर गये,
कितना दर्द समाज की खातिर वो जर गये।
बच्चे नादान चार थे,
बे इलाज मर गए,
शिक्षित मेरा समाज हो,
फरमान कर गये।
अंबेडकर औलाद भी कुर्बान कर गये,
अंबेडकर औलाद भी कुर्बान कर गये।
चिंता ना की औलाद की, सब कुछ गवां दिया,
चिंता ना की औलाद की, सब कुछ गवां दिया।
लेकिन दलित समाज का रुतबा बना दिया,
जी पाए हम भी शान से,
संविधान भर गये।
अंबेडकर औलाद भी कुर्बान कर गये,
अंबेडकर औलाद भी कुर्बान कर गये।
अब पूजते अंबेडकर, पहले खबर ना ली,
अब पूजते अंबेडकर, पहले खबर ना ली।
जीते जी उस महान की हमने कदर ना की,
फिर भी वो राही कौम का,
सम्मान कर गये।
अंबेडकर औलाद भी कुर्बान कर गये,
अंबेडकर औलाद भी कुर्बान कर गये।
अंबेडकर औलाद भी कुर्बान कर गये,
अंबेडकर औलाद भी कुर्बान कर गये।
Ambedkar Aulad Bhi Kurbaan Kar Gaye – English Lyrics
Maa Baap Tak Gawa Diya,
Daliton Ka Sar Utha Diya,
Ardhangini Bhi Na Rahi,
Ek Ek Ratan Luta Diya.
Itne Bade Tyag Se Hairaan Kar Gaye,
Ambedkar Aulad Bhi Kurbaan Kar Gaye.
Ambedkar Aulad Bhi Kurbaan Kar Gaye.
Kitna Dard Samaj Ki Khatir Woh Jar Gaye,
Kitna Dard Samaj Ki Khatir Woh Jar Gaye.
Bachche Nadaan Chaar The,
Be Ilaaj Mar Gaye,
Shikshit Mera Samaj Ho,
Farmaan Kar Gaye.
Ambedkar Aulad Bhi Kurbaan Kar Gaye,
Ambedkar Aulad Bhi Kurbaan Kar Gaye.
Chinta Na Ki Aulad Ki, Sab Kuch Gawa Diya,
Chinta Na Ki Aulad Ki, Sab Kuch Gawa Diya.
Lekin Dalit Samaj Ka Rutba Bana Diya,
Jee Paaye Hum Bhi Shaan Se,
Samvidhan Bhar Gaye.
Ambedkar Aulad Bhi Kurbaan Kar Gaye,
Ambedkar Aulad Bhi Kurbaan Kar Gaye.
Ab Poojte Ambedkar, Pehle Khabar Na Li,
Ab Poojte Ambedkar, Pehle Khabar Na Li.
Jeete Jee Us Mahaan Ki Humne Kadar Na Ki,
Phir Bhi Woh Raahi Kaum Ka,
Samman Kar Gaye.
Ambedkar Aulad Bhi Kurbaan Kar Gaye,
Ambedkar Aulad Bhi Kurbaan Kar Gaye.
Ambedkar Aulad Bhi Kurbaan Kar Gaye,
भजन का भाव और संदेश
इस भजन का मुख्य संदेश त्याग, संघर्ष, शिक्षा, समानता और सामाजिक सम्मान से जुड़ा है।
भजन में यह भाव सामने आता है कि समाज में बदलाव लाने के लिए बहुत बड़ा व्यक्तिगत त्याग करना पड़ता है। डॉ. भीमराव अंबेडकर के संघर्ष को याद करते हुए गीत शिक्षा को समाज की प्रगति का महत्वपूर्ण माध्यम बताता है।
भजन की पंक्ति “शिक्षित मेरा समाज हो” शिक्षा के महत्व को सामने रखती है। वहीं संविधान का उल्लेख लोगों को उनके अधिकारों, समानता और सम्मान की भावना से जोड़ता है।
भजन की खास बातें
इस भजन में मुख्य रूप से इन विषयों को उठाया गया है:
- डॉ. भीमराव अंबेडकर का संघर्ष
- समाज के लिए त्याग
- शिक्षा का महत्व
- समानता और सामाजिक सम्मान
- संविधान और अधिकार
- सामाजिक चेतना
- महापुरुषों के योगदान को याद करना
Ambedkar Bhajan क्यों सुनें?
यह भजन केवल श्रद्धा व्यक्त करने वाला गीत नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता का संदेश भी देता है। इसकी पंक्तियां शिक्षा प्राप्त करने, अपने अधिकारों को समझने और समाज में सम्मान एवं समानता के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
डॉ. अंबेडकर से जुड़े भजनों और गीतों को विशेष रूप से जयंती, सामाजिक कार्यक्रमों, जागरूकता कार्यक्रमों और सांस्कृतिक आयोजनों में सुना और प्रस्तुत किया जाता है।
Frequently Asked Questions (FAQ)
1. अंबेडकर औलाद भी कुर्बान कर भजन किस बारे में है?
यह भजन डॉ. भीमराव अंबेडकर के संघर्ष, त्याग और सामाजिक परिवर्तन के संदेश को भावनात्मक रूप में प्रस्तुत करता है।
2. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
भजन का मुख्य संदेश शिक्षा, समानता, सामाजिक सम्मान, अधिकारों और समाज के उत्थान से जुड़ा है।
3. Ambedkar Aulad Bhi Kurbaan Kar Gaye Lyrics कहाँ पढ़ें?
इस पोस्ट में अंबेडकर औलाद भी कुर्बान कर के हिंदी और English lyrics दिए गए हैं।
4. इस भजन में संविधान का उल्लेख क्यों किया गया है?
भजन में संविधान को सामाजिक अधिकार, समानता और सम्मान की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है।
5. यह भजन किन अवसरों पर गाया जा सकता है?
इसे अंबेडकर जयंती, सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों, सांस्कृतिक आयोजनों और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में प्रस्तुत किया जा सकता है।
निष्कर्ष
“अंबेडकर औलाद भी कुर्बान कर ” एक ऐसा भजन है जो डॉ. भीमराव अंबेडकर के संघर्ष और समाज के प्रति उनके योगदान को भावनात्मक तरीके से याद करता है। गीत में शिक्षा, सम्मान, समानता और संविधान के महत्व को प्रमुखता दी गई है।
ऐसे गीत नई पीढ़ी को इतिहास, सामाजिक संघर्ष और शिक्षा के महत्व से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
Ladla Mohit Official पर ऐसे ही हिंदी भजन, सामाजिक गीत और Lyrics पढ़ते रहें।
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