Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi and English
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श्रीकृष्ण अष्टोत्तर शतनामावली (108 नाम) | Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi & English, अर्थ, महत्व और जप विधि

Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi and English: श्रीकृष्ण अष्टोत्तर शतनामावली (108 नाम) | Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi and English, अर्थ, महत्व और जप विधि

Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi and English:  भगवान श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के आठवें अवतार माने जाते हैं। वे प्रेम, करुणा, ज्ञान, धर्म और भक्ति के प्रतीक हैं।

Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi and English: श्रीकृष्ण के 108 पवित्र नामों का जप करना सनातन धर्म में अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। प्रत्येक नाम भगवान श्रीकृष्ण के किसी विशेष गुण, लीला, स्वरूप या दिव्य शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है।

Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi and English: यदि आप श्रीकृष्ण अष्टोत्तर शतनामावली (108 नाम) हिंदी और English (Roman) में खोज रहे हैं,

Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi and English: इस लेख में आपको नामों के साथ उनका संक्षिप्त अर्थ, जप का महत्व, पूजा विधि और धार्मिक जानकारी एक ही स्थान पर मिलेगी।


Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi and English: श्रीकृष्ण अष्टोत्तर शतनामावली का महत्व

अष्टोत्तर शतनामावली का अर्थ है भगवान के 108 पवित्र नामों का समूह। हिंदू धर्म में 108 संख्या को अत्यंत पवित्र माना गया है। मान्यता है कि श्रद्धा और भक्ति से इन नामों का जप करने से मन को शांति, बुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है।

Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi and English: विशेष रूप से जन्माष्टमी, राधाष्टमी, एकादशी, गुरुवार, श्रीकृष्ण पूजा और दैनिक साधना में इन नामों का जप करना शुभ माना जाता है।


Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi and English: श्रीकृष्ण अष्टोत्तर शतनामावली (1–30)
क्रमनाम (हिंदी)Roman Englishअर्थ
1ॐ श्रीकृष्णाय नमःOm Shrikrishnaya Namahश्यामवर्ण भगवान श्रीकृष्ण को प्रणाम
2ॐ कमलानाथाय नमःOm Kamalanathaya Namahलक्ष्मीपति भगवान
3ॐ वासुदेवाय नमःOm Vasudevaya Namahवसुदेव के पुत्र
4ॐ सनातनाय नमःOm Sanatanaya Namahअनादि और अनंत
5ॐ वसुदेवात्मजाय नमःOm Vasudevatmajaya Namahवसुदेव के पुत्र
6ॐ पुण्याय नमःOm Punyaya Namahपरम पुण्य स्वरूप
7ॐ लीलामानुषविग्रहाय नमःOm Lilamanushavigrahaya Namahमानव रूप में दिव्य लीला करने वाले
8ॐ श्रीवत्सकौस्तुभधराय नमःOm Shrivatsakaustubhadharaya Namahश्रीवत्स और कौस्तुभ धारण करने वाले
9ॐ यशोदावत्सलाय नमःOm Yashodavatsalaya Namahमाता यशोदा के प्रिय
10ॐ हरये नमःOm Haraye Namahसमस्त दुःखों का हरण करने वाले
11ॐ चतुर्भुजात्तचक्रासिगदाशङ्खाम्बुजायुधाय नमःOm Chaturbhujattachakrasigadashankhambujayudhaya Namahचतुर्भुज दिव्य स्वरूप
12ॐ देवकीनन्दनाय नमःOm Devakinandanaya Namahमाता देवकी के पुत्र
13ॐ श्रीशाय नमःOm Shrishaya Namahश्री (लक्ष्मी) के स्वामी
14ॐ नन्दगोपप्रियात्मजाय नमःOm Nandagopapriyatmajaya Namahनंद बाबा के प्रिय पुत्र
15ॐ यमुनावेगसंहारिणे नमःOm Yamunavegasamharine Namahयमुना के वेग को शांत करने वाले
16ॐ बलभद्रप्रियानुजाय नमःOm Balabhadrapriyanujaya Namahबलराम के प्रिय छोटे भाई
17ॐ पूतनाजीवितहराय नमःOm Putanajivitaharaya Namahपूतना का उद्धार करने वाले
18ॐ शकटासुरभञ्जनाय नमःOm Shakatasurabhanjanaya Namahशकटासुर का वध करने वाले
19ॐ नन्दव्रजजनानन्दिने नमःOm Nandavrajajananandine Namahब्रजवासियों को आनंद देने वाले
20ॐ सच्चिदानन्दविग्रहाय नमःOm Sachchidanandavigrahaya Namahसच्चिदानंद स्वरूप
21ॐ नवनीतविलिप्ताङ्गाय नमःOm Navanitaviliptangaya Namahमक्खन से सने अंग वाले
22ॐ नवनीतनटाय नमःOm Navanitanataya Namahमाखन के लिए नृत्य करने वाले
23ॐ अनघाय नमःOm Anaghaya Namahनिष्पाप
24ॐ नवनीतनवाहाराय नमःOm Navanitanavaharaya Namahमाखन चुराने वाली लीलाओं के स्वामी
25ॐ मुचुकुन्दप्रसादकाय नमःOm Muchukundaprasadakaya Namahराजा मुचुकुंद को कृपा देने वाले
26ॐ षोडशस्त्रीसहस्रेशाय नमःOm Shodashastrisahasreshaya Namahसोलह हजार रानियों के स्वामी
27ॐ त्रिभङ्गिने नमःOm Tribhangine Namahत्रिभंगी सुंदर मुद्रा वाले
28ॐ मधुराकृतये नमःOm Madhurakritaye Namahमधुर और मनोहर स्वरूप
29ॐ शुकवागमृताब्धीन्दवे नमःOm Shukavagamritabdhindave Namahशुकदेव द्वारा वर्णित अमृत स्वरूप
30ॐ गोविन्दाय नमःOm Govindaya Namahगौओं और इन्द्रियों के रक्षक

Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi and English: इन नामों का जप कब करें?
  • श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
  • राधाष्टमी
  • एकादशी
  • गुरुवार
  • प्रतिदिन प्रातःकाल
  • श्रीकृष्ण पूजा
  • गीता पाठ से पहले
  • भजन एवं कीर्तन के समय

Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi and English: जप करने के लाभ

Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi and English: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धा से श्रीकृष्ण के 108 नामों का जप करने से—

  • मन को शांति मिलती है।
  • भक्ति और श्रद्धा बढ़ती है।
  • सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
  • जीवन में धैर्य और विवेक आता है।
  • भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।
Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi and English: श्रीकृष्ण अष्टोत्तर शतनामावली (31–70) | Krishna Ashtottara Shatanamavali (Names 31–70)
Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi and English: श्रीकृष्ण के 108 पवित्र नाम (31–70)
क्रमनाम (हिंदी)Roman Englishअर्थ
31ॐ योगिनां पतये नमःOm Yoginam Pataye Namahयोगियों के स्वामी
32ॐ वत्सवाटचराय नमःOm Vatsavatacharaya Namahबछड़ों को चराने वाले
33ॐ अनन्ताय नमःOm Anantaya Namahजिनका कोई अंत नहीं
34ॐ धेनुकासुरभञ्जनाय नमःOm Dhenukasurabhanjanaya Namahधेनुकासुर का वध करने वाले
35ॐ तृणीकृततृणावर्ताय नमःOm Trinikritatrinavartaya Namahतृणावर्त का संहार करने वाले
36ॐ यमलार्जुनभञ्जनाय नमःOm Yamalarjunabhanjanaya Namahयमल-अर्जुन वृक्षों का उद्धार करने वाले
37ॐ उत्तालतालभेत्रे नमःOm Uttalatalabhetre Namahविशाल ताल वृक्षों को गिराने वाले
38ॐ तमालश्यामलाकृतये नमःOm Tamalashyamalakritaye Namahतमाल वृक्ष के समान श्यामवर्ण
39ॐ गोपगोपीश्वराय नमःOm Gopagopishvaraya Namahगोप और गोपियों के स्वामी
40ॐ योगिने नमःOm Yogine Namahपरम योगी
41ॐ कोटिसूर्यसमप्रभाय नमःOm Kotisuryasamaprabhaya Namahकरोड़ों सूर्य समान तेजस्वी
42ॐ इलापतये नमःOm Ilapataye Namahज्ञान एवं पृथ्वी के स्वामी
43ॐ परस्मै ज्योतिषे नमःOm Parasmai Jyotishe Namahपरम प्रकाश स्वरूप
44ॐ यादवेन्द्राय नमःOm Yadavendraya Namahयादव कुल के अधिपति
45ॐ यदूद्वहाय नमःOm Yadudvahaya Namahयादवों के श्रेष्ठ नेता
46ॐ वनमालिने नमःOm Vanamaline Namahवनमाला धारण करने वाले
47ॐ पीतवाससे नमःOm Pitavasase Namahपीताम्बर पहनने वाले
48ॐ पारिजातापहारकाय नमःOm Parijatapaharakaya Namahपारिजात वृक्ष लाने वाले
49ॐ गोवर्धनाचलोद्धर्त्रे नमःOm Govardhanachaloddhartre Namahगोवर्धन पर्वत उठाने वाले
50ॐ गोपालाय नमःOm Gopalaya Namahगौओं के रक्षक
51ॐ सर्वपालकाय नमःOm Sarvapalakaya Namahसम्पूर्ण सृष्टि के पालनहार
52ॐ अजाय नमःOm Ajaya Namahअजन्मा
53ॐ निरञ्जनाय नमःOm Niranjanaya Namahनिष्कलंक एवं निर्मल
54ॐ कामजनकाय नमःOm Kamajanakaya Namahइच्छाओं के प्रेरक
55ॐ कञ्जलोचनाय नमःOm Kanjalochanaya Namahकमल समान नेत्र वाले
56ॐ मधुघ्ने नमःOm Madhughne Namahमधु दैत्य का वध करने वाले
57ॐ मथुरानाथाय नमःOm Mathuranathaya Namahमथुरा के स्वामी
58ॐ द्वारकानायकाय नमःOm Dvarakanayakaya Namahद्वारका के अधिपति
59ॐ बलिने नमःOm Baline Namahमहान बलशाली
60ॐ वृन्दावनान्तसञ्चारिणे नमःOm Vrindavanantasancharine Namahवृन्दावन में विहार करने वाले
61ॐ तुलसीदामभूषणाय नमःOm Tulasidamabhushanaya Namahतुलसी की माला धारण करने वाले
62ॐ स्यमन्तकमणेर्हर्त्रे नमःOm Syamantakamanerhartre Namahस्यमन्तक मणि की लीला करने वाले
63ॐ नरनारायणात्मकाय नमःOm Naranarayanatmakaya Namahनर और नारायण दोनों स्वरूप
64ॐ कुब्जाकृष्णाम्बरधराय नमःOm Kubjakrishnambaradharaya Namahकुब्जा पर कृपा करने वाले
65ॐ मायिने नमःOm Mayine Namahयोगमाया के स्वामी
66ॐ परमपूरुषाय नमःOm Paramapurushaya Namahसर्वोच्च पुरुष
67ॐ मुष्टिकासुरचाणूरमल्लयुद्धविशारदाय नमःOm Mushtikasurachanuramallayuddhavisharadaya Namahमुष्टिक और चाणूर को पराजित करने वाले
68ॐ संसारवैरिणे नमःOm Samsaravairine Namahसंसार बंधन से मुक्त कराने वाले
69ॐ कंसारये नमःOm Kamsaraye Namahकंस के संहारक
70ॐ मुरारये नमःOm Muraraye Namahमुरा नामक असुर का वध करने वाले

Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi and English: इन नामों का आध्यात्मिक महत्व

Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi and English: श्रीकृष्ण के प्रत्येक नाम में उनकी किसी विशेष लीला, गुण, करुणा, प्रेम और दिव्य शक्ति का वर्णन मिलता है। इन नामों का श्रद्धा एवं भक्ति से जप करने पर मन को शांति, आत्मविश्वास और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम बढ़ने की धार्मिक मान्यता है।

Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi and English: भक्त प्रायः रुद्राक्ष या तुलसी की माला से 108 बार इन नामों का जप करते हैं। नियमित जप से मन एकाग्र होता है और भक्ति मार्ग में स्थिरता आती है।

Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi and English: श्रीकृष्ण अष्टोत्तर शतनामावली (71–109) | Krishna Ashtottara Shatanamavali (Names 71–109)
Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi and English: श्रीकृष्ण के 108 पवित्र नाम (71–109)
क्रमनाम (हिंदी)Roman Englishअर्थ
71ॐ नरकान्तकाय नमःOm Narakantakaya Namahनरकासुर का संहार करने वाले
72ॐ अनादिब्रह्मचारिणे नमःOm Anadibrahmacharine Namahसनातन ब्रह्मचारी स्वरूप
73ॐ कृष्णाव्यसनकर्षकाय नमःOm Krishnavyasanakarshakaya Namahभक्तों के संकट दूर करने वाले
74ॐ शिशुपालशिरश्छेत्रे नमःOm Shishupalashirashchhetre Namahशिशुपाल का वध करने वाले
75ॐ दुर्योधनकुलान्तकाय नमःOm Duryodhanakulantakaya Namahअधर्म का अंत करने वाले
76ॐ विदुराक्रूरवरदाय नमःOm Vidurakruravaradaya Namahविदुर और अक्रूर को वर देने वाले
77ॐ विश्वरूपप्रदर्शकाय नमःOm Vishvarupapradarshakaya Namahविराट स्वरूप दिखाने वाले
78ॐ सत्यवाचे नमःOm Satyavache Namahसत्य बोलने वाले
79ॐ सत्यसङ्कल्पाय नमःOm Satyasankalpaya Namahसत्य संकल्प वाले
80ॐ सत्यभामारताय नमःOm Satyabhamarataya Namahसत्यभामा के प्रिय
81ॐ जयिने नमःOm Jayine Namahसदैव विजयी
82ॐ सुभद्रापूर्वजाय नमःOm Subhadrapurvajaya Namahसुभद्रा के बड़े भाई
83ॐ विष्णवे नमःOm Vishnave Namahभगवान विष्णु स्वरूप
84ॐ भीष्ममुक्तिप्रदायकाय नमःOm Bhishmamuktipradayakaya Namahभीष्म को मोक्ष देने वाले
85ॐ जगद्गुरवे नमःOm Jagadgurave Namahसम्पूर्ण जगत के गुरु
86ॐ जगन्नाथाय नमःOm Jagannathaya Namahविश्व के स्वामी
87ॐ वेणुनादविशारदाय नमःOm VenunadaVisharadaya Namahबाँसुरी वादन में निपुण
88ॐ वृषभासुरविध्वंसिने नमःOm Vrishabhasuravidhvamsine Namahवृषभासुर का संहार करने वाले
89ॐ बाणासुरकरान्तकाय नमःOm Banasurakarantakaya Namahबाणासुर का अंत करने वाले
90ॐ युधिष्ठिरप्रतिष्ठात्रे नमःOm Yudhishthirapratishthatre Namahयुधिष्ठिर को राज्य दिलाने वाले
91ॐ बर्हिबर्हावतंसकाय नमःOm Barhibarhavatamsakaya Namahमोरपंख धारण करने वाले
92ॐ पार्थसारथये नमःOm Parthasarathaye Namahअर्जुन के सारथी
93ॐ अव्यक्ताय नमःOm Avyaktaya Namahनिराकार एवं अव्यक्त
94ॐ गीतामृतमहोदधये नमःOm Gitamritamahodadhaye Namahभगवद्गीता रूपी अमृत सागर
95ॐ कालीयफणिमाणिक्यरञ्जितश्रीपदाम्बुजाय नमःOm Kaliyaphanimanikyaranjitashripadambujaya Namahकालिय नाग पर विजय प्राप्त करने वाले
96ॐ दामोदराय नमःOm Damodaraya Namahमाता यशोदा द्वारा बाँधे गए भगवान
97ॐ यज्ञभोक्त्रे नमःOm Yajnabhoktre Namahयज्ञ की आहुति स्वीकार करने वाले
98ॐ दानवेन्द्रविनाशकाय नमःOm Danavendravinashakaya Namahअसुरों का विनाश करने वाले
99ॐ नारायणाय नमःOm Narayanaya Namahसमस्त जीवों के आश्रय
100ॐ परब्रह्मणे नमःOm Parabrahmane Namahपरम ब्रह्म
101ॐ पन्नगाशनवाहनाय नमःOm Pannagashanavahanaya Namahगरुड़ वाहन वाले
102ॐ जलक्रीडासमासक्तगोपीवस्त्रापहारकाय नमःOm Jalakridasamasaktagopivastrapaharakaya Namahगोपियों के वस्त्रहरण लीला करने वाले
103ॐ पुण्यश्लोकाय नमःOm Punyashlokaya Namahजिनकी स्तुति पुण्यदायी है
104ॐ तीर्थकराय नमःOm Tirthakaraya Namahतीर्थों को पवित्र करने वाले
105ॐ वेदवेद्याय नमःOm Vedavedyaya Namahवेदों से जानने योग्य
106ॐ दयानिधये नमःOm Dayanidhaye Namahकरुणा के सागर
107ॐ सर्वतीर्थात्मकाय नमःOm Sarvatirthatmakaya Namahसभी तीर्थों का स्वरूप
108ॐ सर्वग्रहरूपिणे नमःOm Sarvagraharupine Namahसमस्त शक्तियों के अधिष्ठाता
109ॐ परात्पराय नमःOm Paratparaya Namahसर्वोच्च परमात्मा

Krishna Ashtottara Shatanamavali in Hindi and English: श्रीकृष्ण अष्टोत्तर शतनामावली FAQs
1. श्रीकृष्ण अष्टोत्तर शतनामावली क्या है?

यह भगवान श्रीकृष्ण के 108 (कुछ परंपराओं में 109 सहित) दिव्य नामों का संग्रह है, जिनका जप अत्यंत शुभ माना जाता है।

2. श्रीकृष्ण के 108 नामों का जप कब करना चाहिए?

प्रतिदिन प्रातःकाल, जन्माष्टमी, राधाष्टमी, एकादशी, गुरुवार और श्रीकृष्ण पूजा के समय।

3. क्या महिलाएँ श्रीकृष्ण के 108 नामों का जप कर सकती हैं?

हाँ, कोई भी श्रद्धालु स्त्री या पुरुष इन नामों का जप कर सकता है।

4. कितनी बार जप करना चाहिए?

परंपरा के अनुसार तुलसी या रुद्राक्ष की माला से 108 बार जप करना शुभ माना जाता है।

5. क्या बिना माला के जप किया जा सकता है?

हाँ, सच्ची श्रद्धा और भक्ति के साथ बिना माला के भी जप किया जा सकता है।

6. श्रीकृष्ण के 108 नामों का जप करने से क्या लाभ होता है?

धार्मिक मान्यता के अनुसार मन की शांति, भक्ति, सकारात्मक ऊर्जा और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है।

7. क्या जन्माष्टमी पर इन नामों का विशेष महत्व है?

हाँ, जन्माष्टमी पर 108 नामों का जप अत्यंत शुभ और पुण्यदायक माना जाता है।

8. क्या बच्चों को भी यह नाम सिखाए जा सकते हैं?

हाँ, यह बच्चों में धार्मिक संस्कार और भक्ति की भावना विकसित करने का अच्छा माध्यम है।

9. क्या इन नामों का पाठ घर में किया जा सकता है?

हाँ, घर के मंदिर या पूजा स्थल पर नियमित रूप से किया जा सकता है।

10. क्या श्रीकृष्ण अष्टोत्तर शतनामावली और विष्णु सहस्रनाम अलग हैं?

हाँ, अष्टोत्तर शतनामावली में श्रीकृष्ण के 108 नाम हैं, जबकि विष्णु सहस्रनाम में भगवान विष्णु के 1000 नामों का वर्णन है।

11. क्या जप से पहले कोई विशेष मंत्र बोलना चाहिए?

“ॐ श्री गणेशाय नमः” और गुरु वंदना के बाद श्रीकृष्ण का ध्यान करके जप प्रारम्भ करना शुभ माना जाता है।

12. क्या यह पाठ रोज़ किया जा सकता है?

हाँ, दैनिक पाठ भी किया जा सकता है।

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