Ravidas Jayanti Bhajan: आया जन्मदिन रविदास जी का, गाँव गीत बधाई रे। यह भक्तिमय भजन संत गुरु रविदास जी के जन्मदिवस की खुशी और उत्सव को समर्पित है। भजन में गुरु रविदास जी के जन्म, बाल लीलाओं और उनके प्रति भक्तों की श्रद्धा का सुंदर वर्णन किया गया है।
रविदास जयंती के पावन अवसर पर इस भजन को श्रद्धा और भक्ति के साथ गाया जा सकता है। भजन के माध्यम से गुरु रविदास जी के जन्म की खुशियों और उनके आध्यात्मिक संदेश को याद किया जाता है।
आया जन्मदिन रविदास जी का – Lyrics
आया जन्मदिन रविदास जी का,
गाँव गीत बधाई रे।
पिता राहु जी दान लुटाये,
मां कर्मा खुशी मनाए रे।
पिता राहु जी दान लुटाये,
मां कर्मा खुशी मनाए रे।
अंतरा 1
गुरु मंडूर पुर में आए,
भक्तों के भाग जगाये रे।
दाई के नेत्तर खोले,
उसको दर्शन दिखलाए रे।
उसको दर्शन दिखलाए रे।
धम्मो दाई खुशी मनाए,
चरणों में शीश झुकाए रे।
पिता राहु जी दान लुटाये,
मां कर्मा खुशी मनाए रे।
पिता राहु जी दान लुटाये,
मां कर्मा खुशी मनाए रे।
अंतरा 2
गुरु पूर्णमा में आए,
भगवान भी जल बरसाये रे।
आकाश में बिजली कड़के,
बादल घनघोर थे छाये।
बादल घनघोर थे छाये।
दिन था पावन रविवार का,
तुम रविदास कहाए रे।
पिता राहु जी दान लुटाये,
मां कर्मा खुशी मनाए रे।
पिता राहु जी दान लुटाये,
मां कर्मा खुशी मनाए रे।
अंतरा 3
गुरु परमानंद जी आए,
सत् संग का रस बरसाए।
पलना में झूले ललना,
और मंद-मंद मुस्काए।
और मंद-मंद मुस्काए।
रविदास जी के मन में देखो,
हरि का नाम समाया रे।
पिता राहु जी दान लुटाये,
मां कर्मा खुशी मनाए रे।
पिता राहु जी दान लुटाये,
मां कर्मा खुशी मनाए रे।
अंतरा 4
रविदास जयंती आवे,
जन-जन के मन में उम्हाया रे।
आशीष ये भजन बनावे,
और खुशीदास ने गाया रे।
संग में मोहित भी गाये रे।
रविदास जी की कथा सुनाने,
हम हरिद्वार से आए रे।
पिता राहु जी दान लुटाये,
मां कर्मा खुशी मनाए रे।
पिता राहु जी दान लुटाये,
मां कर्मा खुशी मनाए रे।
पिता राहु जी दान लुटाये,
मां कर्मा खुशी मनाए रे।
Ravidas Jayanti Bhajan: रविदास जयंती पर इस भजन का महत्व
संत गुरु रविदास जी भारतीय भक्ति परंपरा के प्रमुख संतों में माने जाते हैं। उनके भजनों और वाणी में भक्ति, समानता, मानवता और सामाजिक सद्भाव का संदेश मिलता है।
रविदास जयंती के अवसर पर श्रद्धालु गुरु रविदास जी को याद करते हैं और उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं। ऐसे भक्ति गीत और बधाई भजन इस पावन अवसर के उत्सव में भक्तिमय वातावरण बनाते हैं।
रविदास जयंती पर भजन कैसे गाएं?
रविदास जयंती के दिन सुबह या शाम भजन-कीर्तन के दौरान इस गीत का गायन किया जा सकता है। घर, मंदिर, सत्संग या सामूहिक धार्मिक कार्यक्रमों में भक्त मिलकर इस भजन को गा सकते हैं।
भजन की शुरुआत “आया जन्मदिन रविदास जी का” की पंक्तियों से होती है, जो रविदास जयंती के उत्सव और बधाई के भाव को दर्शाती है।
निष्कर्ष
“आया जन्मदिन रविदास जी का” रविदास जयंती के अवसर पर गाया जाने वाला एक भक्तिमय बधाई गीत है। इसमें गुरु रविदास जी के जन्म की खुशी, भक्तों की श्रद्धा और उनके प्रति सम्मान का भाव देखने को मिलता है।
अगर आपको यह रविदास जयंती बधाई भजन Lyrics पसंद आए तो इसे अपने परिवार और भक्तजनों के साथ जरूर साझा करें और गुरु रविदास जी के प्रेम, भक्ति तथा मानवता के संदेश को आगे बढ़ाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. “आया जन्मदिन रविदास जी का” भजन किस अवसर पर गाया जाता है?
यह भजन मुख्य रूप से रविदास जयंती के अवसर पर बधाई और भक्ति गीत के रूप में गाया जा सकता है।
2. इस भजन में किस संत का वर्णन किया गया है?
इस भजन में संत गुरु रविदास जी के जन्म और उनसे जुड़ी भक्तिमय कथा का वर्णन किया गया है।
3. रविदास जयंती पर कौन से भजन गाए जाते हैं?
रविदास जयंती पर गुरु रविदास जी की वाणी, भजन, बधाई गीत और उनके जीवन एवं शिक्षाओं से जुड़े भक्तिमय गीत गाए जाते हैं।
4. क्या यह भजन रविदास जयंती के कार्यक्रम में गाया जा सकता है?
हाँ, इसे रविदास जयंती के भजन-कीर्तन, सत्संग और बधाई कार्यक्रम में गाया जा सकता है।
5. इस भजन के मुख्य भाव क्या हैं?
इस भजन में गुरु रविदास जी के जन्म की खुशी, माता-पिता की प्रसन्नता, भक्तों की श्रद्धा और गुरु के प्रति सम्मान का भाव प्रमुख है।
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