Shri Jagannath Aarti Hindi and English Lyrics
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Shri Jagannath Aarti Hindi and English Lyrics

श्री जगन्नाथ आरती (चतुर्भुज जगन्नाथ) | सम्पूर्ण Lyrics, हिंदी अर्थ, महत्व, पूजा विधि, लाभ एवं FAQs

श्री जगन्नाथ आरती (चतुर्भुज जगन्नाथ)

Shri Jagannath Aarti Hindi and English Lyrics: भगवान श्री जगन्नाथ भगवान श्रीकृष्ण एवं भगवान विष्णु के दिव्य स्वरूप माने जाते हैं। ओडिशा के पुरी श्री जगन्नाथ मंदिर में प्रतिदिन श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपरा के अनुसार उनकी आरती की जाती है।

Shri Jagannath Aarti Hindi and English Lyrics: “चतुर्भुज जगन्नाथ” आरती भगवान के दिव्य स्वरूप, उनकी करुणा, भक्तवत्सलता तथा समस्त संसार के पालनकर्ता रूप का अत्यंत सुंदर वर्णन करती है।

धार्मिक मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धापूर्वक इस आरती का पाठ करता है, उसके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि तथा भगवान जगन्नाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है।


श्री जगन्नाथ आरती (चतुर्भुज जगन्नाथ) Lyrics

Shri Jagannath Aarti Hindi and English Lyrics:

चतुर्भुज जगन्नाथ
कंठ शोभित कौसतुभः॥

पद्मनाभ, बेडगरवहस्य,
चन्द्र सूरज्या बिलोचनः॥

जगन्नाथ, लोकानाथ,
निलाद्रिह सो पारो हरि॥

दीनबंधु, दयासिंधु,
कृपालुं च रक्षकः॥

कम्बु पानि, चक्र पानि,
पद्मनाभो, नरोतमः॥

जग्दम्पा रथो व्यापी,
सर्वव्यापी सुरेश्वराहा॥

लोका राजो, देव राजः,
चक्र भूपह स्कभूपतिहि॥

निलाद्रिह बद्रीनाथशः,
अनन्ता पुरुषोत्तमः॥

ताकारसोधायोह, कल्पतरु,
बिमला प्रीति बरदन्हा॥

बलभद्रोह, बासुदेव,
माधवो, मधुसुदना॥

दैत्यारिः, कुंडरी काक्षोह,
बनमाली बडा प्रियाह॥

ब्रम्हा बिष्णु, तुषमी,
बंगश्यो, मुरारिह कृष्ण केशवः॥

श्री राम, सच्चिदानंदोह,
गोबिन्द परमेश्वरः॥

बिष्णुुर बिष्णुुर,
महा बिष्णुपुर,
प्रवर बिशणु महेसरवाहा॥

लोका कर्ता, जगन्नाथो,
महीह करतह महजतहह॥

महर्षि कपिलाचार व्योह,
लोका चारिह सुरो हरिह॥

वातमा चा जीबा पालसाचा,
सूरह संगसारह पालकह॥

एको मीको मम प्रियो॥

ब्रम्ह बादि महेश्वरवरहा॥

दुइ भुजस्च चतुर बाहू,
सत बाहु सहस्त्रक॥

पद्म पितर बिशालक्षय,
पद्म गरवा परो हरि॥

पद्म हस्तेहु, देव पालो,
दैत्यारी दैत्यनाशनः॥

चतुर मुरति, चतुर बाहु,
शहतुर न न सेवितोह॥

पद्म हस्तो, चक्र पाणि,
संख हसतोह, गदाधरह॥

महा बैकुंठबासी चो,
लक्ष्मी प्रीति करहु सदा॥

Shri Jagannath Aarti Hindi and English Lyrics
Shri Jagannath Aarti Hindi and English Lyrics

Chaturbhuj Jagannath
Kanth Shobhit Kaustubhah॥

Padmanabh, Bedgaravahasya,
Chandra Surajya Bilochanah॥

Jagannath, Lokanath,
Niladrih So Paro Hari॥

Deenbandhu, Dayasindhu,
Kripalum Cha Rakshakah॥

Kambu Pani, Chakra Pani,
Padmanabho, Narottamah॥

Jagdampa Ratho Vyapi,
Sarvavyapi Sureshwaraha॥

Loka Rajo, Deva Rajah,
Chakra Bhoopah Skabhoopatihi॥

Niladrih Badrinathashah,
Ananta Purushottamah॥

Takarasodhayoh, Kalpataru,
Bimala Preeti Baradannha॥

Balabhadroh, Basudev,
Madhavo, Madhusudana॥

Daityarih, Kundari Kakshoh,
Banamali Bada Priyah॥

Bramha Bishnu, Tushami,
Bangashyo, Murarih Krishna Keshavah॥

Shri Ram, Sachchidanandoh,
Gobind Parameshwarah॥

Bishnur Bishnur,
Maha Bishnupur,
Pravar Bishanu Mahesharavaha॥

Loka Karta, Jagannatho,
Mahih Kartah Mahajatah॥

Maharshi Kapilachar Vyoh,
Loka Charih Suro Harih॥

Vatama Cha Jiba Palasacha,
Surah Sangsarah Palakah॥

Eko Meeko Mama Priyo॥

Bramha Badi Maheshwaravaraha॥

Dui Bhujasch Chatur Bahu,
Sat Bahu Sahastrak॥

Padma Pitar Bishalakshaya,
Padma Garava Paro Hari॥

Padma Hastehu, Deva Palo,
Daityari Daityanashanah॥

Chatur Murati, Chatur Bahu,
Shahatur Na Na Sevitoh॥

Padma Hasto, Chakra Pani,
Sankh Hastoh, Gadadharah॥

Maha Baikunthabasi Cho,
Lakshmi Preeti Karahu Sada॥

Shri Jagannath Aarti Hindi and English Lyrics:


Shri Jagannath Aarti Hindi and English Lyrics: श्री जगन्नाथ आरती का सरल हिंदी अर्थ

यह आरती भगवान जगन्नाथ के दिव्य स्वरूप का गुणगान करती है। इसमें उन्हें दीन-दुखियों का सहारा, दया का सागर, समस्त संसार का पालनकर्ता तथा भगवान विष्णु एवं श्रीकृष्ण के परम स्वरूप के रूप में वर्णित किया गया है।

Shri Jagannath Aarti Hindi and English Lyrics: आरती का संदेश है कि भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों पर सदैव कृपा करते हैं, उनके दुख दूर करते हैं और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। जो भक्त श्रद्धा और विश्वास के साथ उनका स्मरण करता है, उसके जीवन में आध्यात्मिक उन्नति, शांति और ईश्वर की कृपा बनी रहती है।


Shri Jagannath Aarti Hindi and English Lyrics: श्री जगन्नाथ आरती का धार्मिक महत्व
  • भगवान जगन्नाथ की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ माध्यम।
  • भगवान श्रीकृष्ण एवं विष्णु की उपासना का प्रभावशाली स्तोत्र।
  • घर में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण।
  • मन, वचन और कर्म की शुद्धि में सहायक।
  • भक्त के मन में श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का संचार।

Shri Jagannath Aarti Hindi and English Lyrics: श्री जगन्नाथ आरती करने की विधि
  1. प्रातः या सायंकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा का ध्यान करें।
  3. दीपक एवं धूप जलाएं।
  4. पुष्प, तुलसी दल एवं सात्विक भोग अर्पित करें।
  5. श्रद्धापूर्वक आरती का गायन करें।
  6. अंत में भगवान से क्षमा याचना कर प्रसाद ग्रहण करें।

Shri Jagannath Aarti Hindi and English Lyrics: श्री जगन्नाथ आरती करने के लाभ
  • भगवान जगन्नाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
  • घर में सुख-शांति एवं समृद्धि आती है।
  • मानसिक तनाव कम होता है।
  • नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
  • परिवार में प्रेम एवं सौहार्द बढ़ता है।
  • आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
  • जीवन की कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति मिलती है।

Shri Jagannath Aarti Hindi and English Lyrics: भगवान जगन्नाथ कौन हैं?

भगवान जगन्नाथ को भगवान श्रीकृष्ण का सार्वभौमिक एवं दिव्य स्वरूप माना जाता है। उनके साथ उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की पूजा की जाती है। ओडिशा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर हिंदू धर्म के चार प्रमुख धामों में से एक है, जहाँ प्रतिवर्ष प्रसिद्ध रथ यात्रा का आयोजन होता है।


Shri Jagannath Aarti Hindi and English Lyrics: श्री जगन्नाथ आरती कब करें?
  • प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकाल
  • गुरुवार
  • एकादशी
  • रथ यात्रा
  • श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
  • किसी भी शुभ कार्य के प्रारंभ से पहले
  • विशेष पूजा एवं उत्सव के अवसर पर

FAQs
1. श्री जगन्नाथ आरती कब करनी चाहिए?

प्रतिदिन सुबह और शाम आरती करना शुभ माना जाता है। रथ यात्रा, एकादशी और जन्माष्टमी के दिन इसका विशेष महत्व होता है।


2. क्या घर पर श्री जगन्नाथ आरती कर सकते हैं?

हाँ। श्रद्धा, स्वच्छता और भक्ति के साथ घर पर भी भगवान जगन्नाथ की आरती की जा सकती है।


3. भगवान जगन्नाथ किसके स्वरूप हैं?

भगवान जगन्नाथ को भगवान श्रीकृष्ण एवं भगवान विष्णु का दिव्य स्वरूप माना जाता है।


4. श्री जगन्नाथ आरती करने से क्या लाभ मिलता है?

आरती करने से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा, भगवान की कृपा, परिवार में सुख-समृद्धि तथा आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।


5. भगवान जगन्नाथ का प्रिय भोग क्या है?

महाप्रसाद, खिचड़ी, चावल, दाल, खीर, सब्जियाँ तथा अन्य सात्विक व्यंजन भगवान जगन्नाथ को अर्पित किए जाते हैं।


6. क्या इस आरती का पाठ प्रतिदिन किया जा सकता है?

हाँ। प्रतिदिन श्रद्धा के साथ इसका पाठ करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।


7. क्या इस आरती का संबंध रथ यात्रा से है?

हाँ। रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ की आरती और भजन विशेष रूप से गाए जाते हैं।


8. श्री जगन्नाथ मंदिर कहाँ स्थित है?

भगवान जगन्नाथ का प्रसिद्ध मंदिर ओडिशा राज्य के पुरी नगर में स्थित है और यह चार धामों में से एक है।


निष्कर्ष

श्री जगन्नाथ आरती (चतुर्भुज जगन्नाथ) केवल एक आरती नहीं बल्कि भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण, भक्ति और श्रद्धा का दिव्य स्तुति-गान है। इसका नियमित पाठ मन को शांति, जीवन में सकारात्मकता और भगवान जगन्नाथ की कृपा प्रदान करता है। यदि आप सच्चे मन से इस आरती का पाठ करते हैं, तो यह आपके जीवन में आध्यात्मिक उन्नति और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।

जय जगन्नाथ!

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