Pankh Jo Hote To Ud Jaati Lyrics
Bhajan Lyrics

पंख जो होते तो उड़ जाती नंद बाबा के द्वार – देवकी माता का भावुक कृष्ण भजन | हिंदी Lyrics, English Meaning & भावार्थ

Pankh Jo Hote To Ud Jaati Lyrics: पंख जो होते तो उड़ जाती नंद बाबा के द्वार” एक अत्यंत भावुक कृष्ण भजन है, जिसमें माता देवकी के हृदय का विरह, अपने लाल श्रीकृष्ण से मिलने की तड़प और कंस के अत्याचार की पीड़ा को मार्मिक लोकभाषा में व्यक्त किया गया है।

भजन की कल्पना उस प्रसंग से जुड़ी है जब देवकी अपने पुत्र श्रीकृष्ण से दूर हैं और उन्हें यह चिंता सताती है कि नंद बाबा के घर पल रहा उनका लाल कैसा होगा, क्या वह भूखा तो नहीं सो रहा, क्या वह रो तो नहीं रहा। अपने पुत्र को देखने की तीव्र इच्छा में देवकी कहती हैं कि अगर उनके पंख होते तो वह उड़कर नंद बाबा के द्वार पहुंच जातीं।

यह भजन मां की ममता, पुत्र-वियोग, कारागार की पीड़ा और श्रीकृष्ण के प्रति अटूट प्रेम को एक साथ सामने लाता है।


Pankh Jo Hote To Ud Jaati Lyrics: पंख जो होते तो उड़ जाती नंद बाबा के द्वार – Lyrics in Hindi

मुखड़ा

पंख जो होते तो उड़ जाती नंद बाबा के द्वार,
पंख जो होते तो उड़ जाती नंद बाबा के द्वार।
उमड़-उमड़ म्हारो जियारो आवे, बहे दूध की धार,
लाल मेरी रोवत होयगो,
या भूखो सोवत होयगो।
लाल मेरी रोवत होयगो,
या भूखो सोवत होयगो।।

पंख जो होते तो उड़ जाती नंद बाबा के द्वार,
पंख जो होते तो उड़ जाती नंद बाबा के द्वार।


अंतरा 1 – देवकी की अपने लाल के लिए तड़प

म्हारे पति छाबड़ा में धर के,
जाय गोकुल में छोड़ आए।
म्हारा कुंवर गयो जा दिन से,
मैंने दर्शन तक ना पाए।

अरे कुंवर गयो जा दिन से,
मैंने दर्शन तक ना पाए।
जाने कैसे राखत होयगी,
मेरो राजकुमार।

लाल मेरी रोवत होयगो,
या भूखो सोवत होयगो।
लाल मेरी रोवत होयगो,
या भूखो सोवत होयगो।।


अंतरा 2 – कंस के अत्याचार की पीड़ा

यो कंस है गयो बैरी,
मेरे सात पुत्र मरवाए।
लियो बदला कोण जनम को,
जो जेलन में दुख पाए।

लियो बदला कोण जनम को,
जो जेलन में दुख पाए।
हाथ हथकड़ी, पावन बेड़ी,
जेल के बंद किवाड़।

लाल मेरी रोवत होयगो,
या भूखो सोवत होयगो।
लाल मेरी रोवत होयगो,
या भूखो सोवत होयगो।।


अंतरा 3 – यशोदा की कन्या और देवकी की पीड़ा

कन्या लाके यशोदा की,
मेरी गोदी में ला धरी।
वा दुष्ट कंस ने आकर,
अरे पत्थर पर दे मारी।

वा दुष्ट कंस ने आकर,
अरे पत्थर पर दे मारी।
सूनी गोद या मेरी हो गई,
रह गई मैं मन मार।

लाल मेरी रोवत होयगो,
या भूखो सोवत होयगो।
लाल मेरी रोवत होयगो,
या भूखो सोवत होयगो।।


अंतरा 4 – जेल में बंद देवकी की बेबसी

मैं कैसे पता लगाऊँ,
कोई ना पास हमारे।
कोई बता दे हमको,
ये जेल के लग रहे ताले।

कोई बता दे हमको,
ये जेल के लग रहे ताले।
फाटक बंद हो रहे जेल के,
खड़े हैं पहरेदार।

लाल मेरी रोवत होयगो,
या भूखो सोवत होयगो।
लाल मेरी रोवत होयगो,
या भूखो सोवत होयगो।।


समापन

पंख जो होते तो उड़ जाती नंद बाबा के द्वार,
पंख जो होते तो उड़ जाती नंद बाबा के द्वार।
उमड़-उमड़ म्हारो जियारो आवे,
बहे दूध की धार।

लाल मेरी रोवत होयगो,
या भूखो सोवत होयगो।
लाल मेरी रोवत होयगो,
या भूखो सोवत होयगो।।

पंख जो होते तो उड़ जाती नंद बाबा के द्वार… 🙏


भजन का भावार्थ

Pankh Jo Hote To Ud Jaati Lyrics: इस भजन में माता देवकी के हृदय का पुत्र-वियोग सबसे प्रमुख भाव है। श्रीकृष्ण के जन्म के बाद वसुदेव उन्हें कंस से बचाने के लिए गोकुल में नंद बाबा और यशोदा के पास छोड़ आते हैं। इसके बाद देवकी अपने पुत्र से दूर कारागार में रहती हैं।

मां होने के कारण देवकी का मन बार-बार अपने लाल की ओर चला जाता है। वह सोचती हैं कि उनका राजकुमार कैसा होगा, क्या वह ठीक से सोता होगा, क्या उसे भूख लगती होगी और जब वह रोता होगा तो उसे कौन चुप कराता होगा।

Pankh Jo Hote To Ud Jaati Lyrics: इसी ममता को भजन की पंक्ति “लाल मेरी रोवत होयगो, या भूखो सोवत होयगो” बेहद मार्मिक रूप से व्यक्त करती है।

देवकी के सामने सबसे बड़ी मजबूरी यह है कि वह अपने पुत्र को देखने तक नहीं जा सकतीं। कारागार के बंद दरवाजे, हथकड़ियां, बेड़ियां और पहरेदार उनकी बेबसी को और गहरा कर देते हैं।


भजन की सबसे भावुक पंक्ति का अर्थ

Pankh Jo Hote To Ud Jaati Lyrics: “पंख जो होते तो उड़ जाती नंद बाबा के द्वार”

इसका सरल अर्थ है—

काश मेरे पंख होते, तो मैं उड़कर नंद बाबा के घर पहुंच जाती और अपने लाल श्रीकृष्ण को अपनी आंखों से देख आती।

यह केवल यात्रा करने की इच्छा नहीं है, बल्कि एक मां की अपने बच्चे से मिलने की असहनीय तड़प है।


English Meaning of “Pankh Jo Hote To Ud Jaati Nand Baba Ke Dwar”

Pankh Jo Hote To Ud Jaati Lyrics: The bhajan “Pankh Jo Hote To Ud Jaati Nand Baba Ke Dwar” expresses the deep emotional pain of Mother Devaki, who is separated from her beloved son Shri Krishna.

After Krishna’s birth, Vasudeva carries the newborn Krishna to Gokul and leaves him under the care of Nanda Baba and Yashoda Maiya to protect him from the cruel Kansa.

Pankh Jo Hote To Ud Jaati Lyrics: Devaki remains imprisoned and cannot see her son. Her heart constantly worries about him. She wonders whether her beloved child is crying, whether he is hungry, and whether he is being cared for properly.

The central emotion of the bhajan is beautifully captured in the thought:

“If only I had wings, I would fly to Nanda Baba’s doorstep.”

The “wings” represent Devaki’s desperate desire to overcome every obstacle and reach her child.

Pankh Jo Hote To Ud Jaati Lyrics: The locked prison doors, chains, guards and separation from Krishna symbolize her helplessness. At the same time, the song celebrates the extraordinary strength of a mother’s love, which remains alive despite distance, suffering and circumstances.


Pankh Jo Hote To Ud Jaati Lyrics: English Transliteration

Pankh Jo Hote To Ud Jaati Nand Baba Ke Dwar,
Pankh Jo Hote To Ud Jaati Nand Baba Ke Dwar.
Umad-umad mharo jiyaro aave, bahe doodh ki dhaar,
Laal meri rovat hoygo,
Ya bhookho sovat hoygo.
Laal meri rovat hoygo,
Ya bhookho sovat hoygo.

Mhare pati chabda mein dhar ke,
Jaay Gokul mein chhod aaye.
Mhara kunwar gayo ja din se,
Maine darshan tak na paaye.

Jaane kaise raakhat hoygi,
Mero rajkumar.
Laal meri rovat hoygo,
Ya bhookho sovat hoygo.


भजन में छिपे प्रमुख भाव
❤️ 1. मां की ममता

देवकी अपने पुत्र से दूर होने के बावजूद हर पल उसके बारे में सोचती हैं। यही इस भजन की सबसे बड़ी विशेषता है।

💔 2. पुत्र-वियोग

अपने बच्चे से दूर रहना किसी भी मां के लिए अत्यंत पीड़ादायक है। भजन इसी विरह को लोकभाषा में व्यक्त करता है।

🔒 3. बेबसी और कारागार

जेल के बंद दरवाजे और पहरेदार देवकी की उस मजबूरी को दर्शाते हैं, जिसके कारण वह अपने लाल तक नहीं पहुंच पातीं।

🙏 4. श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम

दूरी के बावजूद देवकी का अपने पुत्र के प्रति प्रेम कम नहीं होता। उनका मन लगातार कृष्ण की ओर लगा रहता है।

🌸 5. मातृत्व की सार्वभौमिक भावना

भजन का दर्द केवल देवकी का दर्द नहीं रह जाता। यह हर उस मां की भावना बन जाता है जो अपने बच्चे से दूर है और उसकी चिंता करती है।


श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग से भजन का संबंध

Pankh Jo Hote To Ud Jaati Lyrics: श्रीमद्भागवत परंपरा के अनुसार, श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा के कारागार में देवकी और वसुदेव के यहां हुआ। कंस के अत्याचार से कृष्ण की रक्षा के लिए वसुदेव उन्हें गोकुल ले गए, जहां उनका पालन-पोषण नंद बाबा और यशोदा के घर हुआ।

इसी मथुरा से गोकुल तक के प्रसंग और देवकी के पुत्र-वियोग को लोकभजन की भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया गया है।

इसलिए भजन सुनते समय श्रोता के सामने एक ओर कृष्ण के गोकुल पहुंचने का दृश्य आता है और दूसरी ओर कारागार में अपने पुत्र को याद करती मां देवकी का व्याकुल हृदय दिखाई देता है।


यह भजन कब गाया जा सकता है?

Pankh Jo Hote To Ud Jaati Lyrics: यह भजन विशेष रूप से इन अवसरों पर प्रस्तुत किया जा सकता है—

  • श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
  • कृष्ण जन्मोत्सव
  • नंदोत्सव
  • भागवत कथा
  • श्रीमद्भागवत सप्ताह
  • कृष्ण भजन संध्या
  • सत्संग
  • मंदिर के भजन कार्यक्रम
  • धार्मिक जागरण
  • श्रीकृष्ण लीला कार्यक्रम

इस भजन की खासियत

Pankh Jo Hote To Ud Jaati Lyrics: “पंख जो होते तो उड़ जाती नंद बाबा के द्वार” की सबसे बड़ी खूबी इसकी सरल लोकभाषा और गहरा भाव है।

यह भजन किसी कठिन दार्शनिक व्याख्या के बजाय एक मां के मन की सीधी आवाज के माध्यम से कृष्ण कथा को प्रस्तुत करता है। यही कारण है कि इसकी पंक्तियां सुनने वाले को तुरंत भावुक कर देती हैं।


भजन का आध्यात्मिक संदेश

Pankh Jo Hote To Ud Jaati Lyrics: इस भजन से सबसे बड़ा संदेश मिलता है कि सच्चा प्रेम दूरी और परिस्थितियों से समाप्त नहीं होता।

Pankh Jo Hote To Ud Jaati Lyrics: देवकी कृष्ण से दूर हैं, लेकिन उनका मन हमेशा अपने पुत्र के साथ है। कारागार उन्हें रोक सकता है, लेकिन उनके प्रेम और ममता को नहीं रोक सकता।

यह भजन हमें मां के प्रेम, धैर्य, विश्वास और भगवान के प्रति समर्पण की भावना से जोड़ता है।


Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. “पंख जो होते तो उड़ जाती नंद बाबा के द्वार” भजन किसके भाव को दर्शाता है?

यह भजन मुख्य रूप से माता देवकी के अपने पुत्र श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम और पुत्र-वियोग के भाव को दर्शाता है।

Q2. देवकी श्रीकृष्ण से दूर क्यों थीं?

कृष्ण के जन्म के बाद कंस से उनकी रक्षा के लिए वसुदेव उन्हें गोकुल ले गए, जहां उनका पालन-पोषण नंद बाबा और यशोदा के यहां हुआ।

Q3. “पंख होते तो उड़ जाती” का क्या अर्थ है?

इसका अर्थ है कि देवकी अपने पुत्र को देखने के लिए इतनी व्याकुल हैं कि यदि उनके पास पंख होते तो वह तुरंत उड़कर नंद बाबा के घर पहुंच जातीं।

Q4. भजन में “लाल मेरी रोवत होयगो” का क्या भाव है?

इसमें मां की चिंता व्यक्त होती है कि उसका बच्चा कहीं रो तो नहीं रहा और उसे किसी चीज की जरूरत तो नहीं है।

Q5. भजन में कंस का उल्लेख क्यों किया गया है?

कंस के अत्याचारों के कारण देवकी को अपने बच्चों से अलग होना पड़ा। इसलिए भजन में उसकी क्रूरता और देवकी की पीड़ा का उल्लेख आता है।

Q6. यह भजन किस अवसर पर गाया जा सकता है?

इसे विशेष रूप से जन्माष्टमी, कृष्ण जन्मोत्सव, भागवत कथा और भजन संध्या में गाया जा सकता है।

Q7. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

इसका मुख्य संदेश मां की ममता, पुत्र-वियोग, प्रेम और अपने प्रिय से मिलने की अटूट इच्छा है।

Q8. क्या यह भजन कृष्ण जन्म की कथा से जुड़ा है?

हाँ। भजन की कथा कृष्ण के जन्म, उनके गोकुल पहुंचने और देवकी के अपने पुत्र से बिछड़ने के भाव से जुड़ी हुई है।


निष्कर्ष

Pankh Jo Hote To Ud Jaati Lyrics: “पंख जो होते तो उड़ जाती नंद बाबा के द्वार” एक भावपूर्ण कृष्ण लोक-भजन है, जिसमें माता देवकी के हृदय की ममता और श्रीकृष्ण के वियोग की पीड़ा को बेहद मार्मिक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

एक ओर गोकुल में नंद बाबा के घर कृष्ण का बाल रूप है, तो दूसरी ओर मथुरा के कारागार में बैठी मां देवकी अपने लाल की चिंता में व्याकुल हैं। यही विरोधाभास इस भजन को इतना भावुक और प्रभावशाली बनाता है।

Pankh Jo Hote To Ud Jaati Lyrics: मां और बेटे के बीच प्रेम की दूरी चाहे जितनी हो, ममता की डोर कभी नहीं टूटती। यही इस भजन का सबसे सुंदर संदेश है। 🙏

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